पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' को लेकर आया बड़ा अपडेट, अब सफर में होगी 30-45 मिनट की बचत

Missing Link Road Project: पुणे-मुंबई एक्सप्रेस वे का 'मिसिंग लिंक' मार्च 2026 में खुलेगा। इससे यात्रा समय 30-45 मिनट घटेगा। साथ ही लोनावला-खोपोली जाम से राहत भी मिलेगी।
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पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Mumbai Expressway Missing Link Update: पुणे और मुंबई के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए नए साल का सबसे बड़ा उपहार तैयार हो चुका है। बहुप्रतीक्षित पुणे-मुंबई एक्सप्रेस वे की 'मिसिंग लिंक' परियोजना का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे आगामी मार्च तक जनता के लिए खोलने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय लगभग 30 से 45 मिनट कम हो जाएगा, बल्कि लोनावला-खोपोली घाट के खतरनाक जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) द्वारा क्रियान्वित यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना है। इसमें विश्व स्तर का एक 'केबल-स्टेड' पुल और दो लंबी सुरंगें शामिल हैं। वर्तमान में लोनावला-खोपोली घाट खंड में चढ़ाई और मोड़ों के कारण वाहनों की गति काफी धीमी हो जाती है, जिससे ईंधन और समय दोनों की बर्बादी होती है।

क्या है 'मिसिंग लिंक' परियोजना?

मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा शुरू की गई पुणे-मुंबई एक्सप्रेस वे की 'मिसिंग लिंक' परियोजना के तहत खालापूर से कुसगांव के बीच 13.3 किलोमीटर के मार्ग को नया स्वरूप दिया गया है, जिससे एक्सप्रेस वे की कुल दूरी भी 6 किलोमीटर कम हो जाएगी।

घाट के लोनावला-खोपोली में जाम से भी मुक्ति

विशेषज्ञों का मानना है कि यह 'मिसिंग लिंक' पुणे के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी। पुणे के आईटी सेक्टर, विनिर्माण उद्योगों और व्यापारियों के लिए मुंबई तथा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचना अब और भी सुगम हो जाएगा।

प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख वाहनों के दबाव को यह नई लिंक आसानी से झेल सकेगी। मार्च में इसके उद्घाटन के साथ ही महाराष्ट्र की इन दो प्रमुख महानगरों के बीच की दूरी और कम हो जाएगी, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को नई गति मिलेगी।