
संजय राउत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते कमाठीपुरा के लोग (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Raut Kamathipura Remark Controversy: शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने भाजपा की तीखी आलोचना करते हुए दावा किया कि वह सत्ता के लिए किसी भी विचारधारा से समझौता कर सकती है। उन्होंने भाजपा की तुलना कमाठीपुरा से करते हुए एक विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ‘भाजपा धंधा करने के लिए कमाठीपुरा के बाहर खड़ी है’ और कोई भी इसका फायदा उठा सकता है। जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने उनके खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।
संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे “दोमुंही” करार दिया है। राउत का गंभीर आरोप है कि भाजपा ने महाराष्ट्र के विभिन्न नगर निगम चुनावों के दौरान एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ पर्दे के पीछे से गठबंधन किया है। उन्होंने विशिष्ट उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा भायंदर में भाजपा ने एआईएमआईएम का समर्थन किया, जबकि अकोला में भी इनके बीच गुप्त तालमेल देखा गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अंबरनाथ में भाजपा द्वारा विरोधी विचारधारा वाली कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की बात भी कही, जिसे उन्होंने भाजपा का वैचारिक दोहरापन बताया है।
विवाद की मुख्य जड़ संजय राउत का वह बयान है जिसमें उन्होंने कहा कि ‘भाजपा धंधा करने के लिए कमाठीपुरा के बाहर खड़ी है’ और कोई भी इसका फायदा उठा सकता है। इस टिप्पणी ने न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। कमाठीपुरा के निवासियों ने इस बयान को अपमानजनक माना और बड़ी संख्या में पुरुषों व महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर “संजय राउत हाय-हाय” के नारे लगाते हुए कड़ा विरोध प्रदर्शन किया।
Sanjay Raut mocks: “BJP is standing in Kamathipura” implying the infamous red-light area. This is a vile slur against the women of Kamathipura and an outright insult to every hardworking resident living there with dignity. Such cheap, misogynistic politics has no place in… pic.twitter.com/ylS0KkWwiD — Being Political (@BeingPolitical1) January 8, 2026
यह पहली बार नहीं है जब राउत ने कमाठीपुरा को लेकर विवादित टिप्पणी की हो। सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावों के अनुसार, राउत ने पहले भी इस क्षेत्र को लेकर ऐसी बातें कही थीं जिससे वहां रहने वाली महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची थी। इसी पृष्ठभूमि के कारण, आलोचकों का कहना है कि महिलाओं में उनके प्रति भारी नाराजगी है क्योंकि वे अक्सर इस तरह की विवादास्पद भाषा का प्रयोग करते हैं।
Remember when Sanjay Raut referred to Kamathipura as a red-light area and went on to generalise every woman living there as a prostitute? There were protests against him for this.. he’s always abusive, no wonder women hate him the most.. pic.twitter.com/RteQMQYAcO — Mr Sinha (@MrSinha_) January 8, 2026
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संजय राउत का मानना है कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, फिर चाहे उसे अपने धुर विरोधियों का ही सहारा क्यों न लेना पड़े। उनके अनुसार, पूरे महाराष्ट्र में भाजपा का एआईएमआईएम के साथ जो “गुप्त गठबंधन” चल रहा है, वह जनता को गुमराह करने वाला है। इस तीखे हमले के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में ‘हिंदुत्व’ और ‘विचारधारा’ की लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है।
राजनीति में शब्दों का प्रयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि शब्द उस तीर की तरह होते हैं जो कमान से निकलने के बाद वापस नहीं आते और कभी-कभी वे लक्ष्य के बजाय खुद चलाने वाले के लिए ही मुश्किलें खड़ी कर देते हैं।






