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कोरोना के मृतकों के परिवारों को वित्त सहायता में कागजात बने बाधा, 640 आवेदन खारिज
- Written By: प्रभाकर दुबे

File Photo
पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड़ शहर (Pimpri-Chinchwad City) में पिछले दो साल में तीन लाख लोग कोरोना (Corona) से संक्रमित (Infected) हो चुके हैं। इस दौरान कई नागरिकों की कोरोना से मौत (Death) हो गई। घर के प्रमुख की मृत्यु से कई लोगों का परिवार बिखर गया। राज्य सरकार द्वारा उन्हें मदद करने के लिए 50,000 रुपए की वित्तीय सहायता (Financial Aid) की घोषणा की गई थी। हालांकि पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) को प्राप्त आवेदनों में से 640 आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि दस्तावेजों में त्रुटियां रह गई हैं।
महाविकास आघाड़ी सरकार ने राज्य आपदा मोचन कोष से कोरोना से मरने वाले मरीजों के नजदीकी परिजनों को 50 हजार रुपए देने का फैसला किया है।
6,059 मृत मरीजों के परिजनों ने आवेदन किया था
दिसंबर में इसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। योजना को लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे सहायता राशि जमा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। तदनुसार, सहायता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाएगी। मृतक मरीजों के परिजन राज्य सरकार द्वारा विकसित वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना चाहते थे। इसके लिए पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के तहत 6,059 मृत मरीजों के परिजनों ने आवेदन किया था। इनमें से 640 आवेदन खारिज कर दिए गए।
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आधार कार्ड नंबर में की गई गलती के कारण आवेदन खारिज हुए
राज्य सरकार ने आर्थिक मदद पाने के लिए रिश्तेदारों पर भारी शर्तें नहीं लगाईं। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। जबकि कोरोना ने अस्पताल के अंदर या बाहर व्यक्ति की जान गई हो तो भी यह मदद दी जाएगी। इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति कोरोना का पता चलने के बाद आत्महत्या करता है तो भी उसके परिवार को यह मदद की जाएगी। हालांकि, चिकित्सा अधिकारियों ने संभावना जताई है कि आवेदन करते समय दस्तावेजों और आधार कार्ड नंबर में की गई गलती के कारण आवेदन खारिज हो गए।
सुधार का मौका मिलेगा
आवेदन दाखिल करते समय, आवेदक को अपना विवरण, आधार संख्या, आवेदक का अपना बैंक विवरण, मृत व्यक्ति का जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, मृत्यु प्रमाण पत्र और रिश्तेदारों की ना आपत्ति की घोषणा प्रदान करना आवश्यक था। इससे मृतकों के आधार विवरण का मिलान जन स्वास्थ्य विभाग के पास कोरोना की मौत की जानकारी के लिए उपलब्ध आधार संख्या से किया जाता है। यदि आधार संख्या मेल खाती है तो आवेदन स्वचालित रूप से कंप्यूटर सिस्टम पर स्वीकार कर लिया जाता है। हालांकि, यदि ऐसा नहीं होता है, तो आवेदन स्थानीय स्वशासी निकाय के चिकित्सा अधिकारी को कंप्यूटर प्रमाण पत्र पर भेजे जाते हैं। वेब पोर्टल पर किया गया ऑनलाइन आवेदन खारिज होने पर भी उसमें सुधार का मौका मिलेगा। जिनके आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। उनके आवेदन महानगरपालिका चिकित्सा अधिकारी के कंप्यूटर सिस्टम को भेजे जाते हैं। ये आवेदन चिकित्सा अधिकारी को संपादित करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। इसलिए, छूटे हुए आवेदनों को ठीक करने का अवसर होगा।
पांच सदस्यीय कमेटी का गठन
इस बारे में पूछे जाने पर नगर निगम के चिकित्सा विभाग प्रमुख लक्ष्मण गोफने ने बताया कि महानगरपालिका और ग्रामीण क्षेत्रों से 6059 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 640 आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। जिनके आवेदन खारिज कर दिए गए हैं, उन्हें वास्तविक तिथि के साथ बुलाया जाएगा। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि कोई भी रिश्तेदार इस वित्तीय सहायता से वंचित न रहे।
Papers become a hindrance in financial aid to the families of the dead of corona 640 applications rejected
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