पुणे जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 200 करोड़ की सरकारी जमीन वापस, 30 भूखंडों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

Pune Land Action: पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने लीज शर्तों के उल्लंघन और अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिंपरी सहित 30 भूखंड जब्त किए हैं। इनकी कीमत 200 करोड़ से अधिक है।
Pune DM Jitendra Dudi spearheads a major crackdown, seizing 30 government plots worth over 200 crores in Pune and Pimpri Chinchwad due to severe lease violations.
जितेंद्र डूडी, जमीन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pune Land Action Jitendra Dudi Illegal Encroachment: सरकारी जमीनों पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों और लीज शर्तों के उल्लंघन के खिलाफ पुणे जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र में भूचाल ला दिया है। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कुल 30 महत्वपूर्ण भूखंडों को सीधे प्रशासन ने अपने कब्जे में लेकर उन्हें पुनः सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज कर दिया है।

प्रशासन के अनुसार इन भूखंडों की कुल बाजार कीमत 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है, जिससे यह कार्रवाई जिले की अब तक की सबसे बड़ी भूमि पुनर्ग्रहण कार्रवाई बन गई है। लीज पर आवंटित हुआ था 2 हजार भूखंड प्रशासनिक जांच में सामने आया कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में लगभग दो हजार भूखंड विभिन्न श्रेणियों में लीज और अन्य अधिकारों के तहत आवंटित किए गए थे।

इन आवंटनों का उद्देश्य शिक्षा, उद्योग, सामाजिक विकास और सार्वजनिक उपयोग को बढ़ावा देना था, लेकिन समय के साथ इन जमीनों के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई संस्थाओं और लाभार्थियों ने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया, जबकि कुछ मामलों में लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी वर्षों तक अवैध कब्जा जारी रखा गया। इसके अलावा कई भूखंडों का उपयोग बिना प्रशासनिक अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया गया, जिससे सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन हुआ।

जिलाधिकारी का कहना है

जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने कहा है कि सरकारी जमीनों के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शेष सभी संदिग्ध भूखंडों की जांच तेजी से की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और सभी जमीनें पुनः सरकारी नियंत्रण में लाई जाएं। इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में भूमाफिया और अवैध कब्जाधारियों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है।

लीज उल्लंघन पुणे शहर के 14 और पिंचिं के दो भूखंड शामिल

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में सरकारी जमीनों का अनधिकृत हस्तांतरण और वित्तीय लेन-देन भी किया गया, जो गंभीर कानूनी उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पुणे शहर के 14, पिपरी-चिंचवड़ के 2 और ग्रामीण क्षेत्रों के 14 भूखंडों सहित कुल 30 जमीनों को जब्त कर उन पर स्पष्ट रूप से 'शासन की संपत्ति के बोर्ड लगा दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्रों में प्रशासन की उपस्थिति और नियंत्रण और मजबूत कर दिया गया है। इस बड़े अभियान की पृष्ठभूमि में हाल ही में उजागर हुए भूमि घोटालों की अहम भूमिका रही है, जिनमें मुंढवा स्थित बॉटेनिकल गार्डन, बोपोडी कृषि विभाग की जमीन और ताथवडे पशुसंवर्धन विभाग की जमीन से जुड़े मामले प्रमुख हैं। इन घटनाओं के सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरे जिले में लीज पर दी गई सभी सरकारी जमीनों की व्यापक समीक्षा शुरू की थी। इसी समीक्षा में लगभग 350 भूखंडों में गंभीर स्तर पर शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई और तेज कर दी गई है।

सरकारी जमीनों पर कब्जा और शर्तों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

- जितेंद्र डूडी, जिलाधिकारी, पुणे

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