मानसून में नहीं थमेगी मुंबई की रफ्तार, पश्चिम रेलवे की हाईटेक तैयारी पूरी; लोकल ट्रेनों के लिए बना खास प्लान

Mumbai Local Train: मुंबई लोकल की रफ्तार को मानसून में बनाए रखने के लिए पश्चिम रेलवे ने कमर कस ली है। नालों की सफाई के साथ ड्रोन, सेंसर और हाई कैपेसिटी पंपों से रियल टाइम निगरानी होगी।
Western Railway gears up for Mumbai monsoon with high-tech tracking. Drone surveys, automated rain gauges, and high-capacity pumps deployed to ensure smooth train services.
मुंबई लोकल ट्रेन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Monsoon Preparations Mumbai Local Train Updates: मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली पश्चिम रेलवे ने मानसून के दौरान लोकल ट्रेन सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए इस बार व्यापक और हाईटेक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर साल भारी बारिश और जलभराव के कारण उपनगरीय रेल सेवाओं पर असर पड़ता है, लेकिन इस बार रेलवे प्रशासन ने तकनीक और अतिरिक्त संसाधनों के सहारे यात्रियों को राहत देने की योजना बनाई है। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि बारिश के दौरान भी मुंबई की रफ्तार थमने नहीं दी जाएगी।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि मानसून पूर्व तैयारियों के तहत रेलवे ट्रैक, पुलियों और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। रेलवे ने संवेदनशील और बाढ़ संभावित इलाकों की विशेष पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी और जल निकासी के इंतजाम किए हैं।

60 किलोमीटर नालों की सफाई पूरी होने के करीब

मुंबई  रेलवे प्रशासन ने मानसून से पहले लगभग 60 किलोमीटर लंबे नालों की सफाई और गाद निकासी का अभियान युद्धस्तर पर चलाया है। इसमें अब तक 50 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा 58 पुलियों और जलमार्गों की सफाई का कार्य भी तेजी से किया गया, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया गया है।

जलभराव वाले क्षेत्रों में नए नाले और मैनहोल बनाए गए हैं, ताकि बारिश का पानी तेजी से बाहर निकाला जा सके। रेलवे ट्रैक के आसपास जमा होने वाले मलबे को हटाने के लिए पिछले मानसून के बाद से अब तक 480 विशेष ट्रेन फेरों का संचालन भी किया गया है।

हाईटेक सिस्टम से होगी रियल टाइम निगरानी

पश्चिम रेलवे ने इस बार तकनीकी संसाधनों पर विशेष जोर दिया है। उपनगरीय खंड के बाढ़ संभावित इलाकों में 126 हाई कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक हैं। इसके साथ ही 40 बाढ़ मापक यंत्र और 6 ऑटोमेटेड डिजिटल रेन गेज भी लगाए गए हैं।

महत्वपूर्ण पुलों पर एससीएडीए आधारित जलस्तर निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे जलस्तर की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और समय रहते चेतावनी जारी की जा सकेगी। रेलवे प्रशासन ड्रोन सर्वे और सतत पेट्रोलिंग के जरिए ट्रैक की निगरानी भी करेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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