

US military Fires Iranian Oil Tankers Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि उसकी सेना ने ईरान की ओर बढ़ रहे दो ईरानी तेल टैंकरों पर गोलीबारी कर उन्हें रोक दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए युद्धविराम प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का इंतजार कर रही है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा लागू नाकेबंदी के उल्लंघन की कोशिश के जवाब में की गई है। जानकारी के मुताबिक, 6 मई को ईरानी झंडे वाले जहाज M/T Hasna ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश की थी। अमेरिकी युद्धपोत USS Abraham Lincoln (CVN 72) से उड़ान भरने वाले एक F/A-18 Super Hornet लड़ाकू विमान ने 20mm की तोप से कई राउंड फायरिंग की। इस हमले में तेल टैंकर के रडर (पतवार) को तबाह दिया गया। अमेरिकी कमांड ने आगे कहा है कि बुधवार को ही तीसरे ईरानी जहाज को भी तबाह किया गया था और अब ये तीनों जहाज ईरान की दिशा में नहीं बढ़ रहे हैं।
इस सैन्य टकराव के बीच ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी सेना ने भीएक वीडियो जारी किया, जिसमें बुधवार को अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल फायरिंग का दावा किया गया है। ईरान का कहना है कि उनकी मिसाइल कार्रवाई के बाद अमेरिकी शिप को उस क्षेत्र से भागना पड़ा।
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में ईरान की समुद्री नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मिशन में जुटे जवानों के काम की सराहना करते हुए बताया कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अब तक 50 से अधिक जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है और कई व्यापारिक जहाजों को रोका गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह सैन्य तनाव न केवल खाड़ी क्षेत्र से होने वाली तेल की वैश्विक आपूर्ति को बाधित कर सकता है, बल्कि दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक विवाद को एक बड़े और पूर्ण सैन्य युद्ध में बदलने की भी पूरी क्षमता रखता है।