
महाराष्ट्र पुलिस (सौ. सोशल मीडिया )
Ajit Pawar Maharashtra Police Connection: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन की खबर ने न केवल राजनीतिक गलियारों बल्कि पुलिस प्रशासन में भी शोक की लहर दौड़ दी है।
बारामती में हुए दुखद विमान हादसे ने राज्य से एक ऐसा नेतृत्व छीन लिया है, जिसने पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया था। अजित पवारकेवल बजट आवंटित करने वाले नेता नहीं थे, बल्कि वे सुरक्षा तंत्र की बारीकियों को समझने वाले एक दूरदर्शी प्रशासक थे।
उन्होंने पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और ग्रामीण पुलिस बल को नई पहचान दी। उनके कार्यकाल में पुलिस महकमे को वह धार मिली, जिसकी कमी दशकों से महसूस की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस कर उनमें नई ऊर्जा का संचार किया था।
पिछले दो वर्षों में, उन्होंने जिला नियोजन समिति (डीपीसी) के माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक का विशेष फंड पुलिस विभाग के लिए जारी किया। इस निवेश से सुरक्षा ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आए। आधुनिक निगरानी मजबूत हुई, जिससे गश्त के लिए नए हाई-टेक वाहनों और निगरानी हेतु ड्रोन तकनीक की शुरुआत की गई।
पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर निवास स्थान, आधुनिक बैरक और नई पुलिस चौकियों का निर्माण करने के साथ ही ऐतिहासिक शिवाजीनगर पुलिस मुख्यालय का कायाकल्प और नूतनीकरण भी उनकी व्यक्तिगत रुचि का परिणाम था। अपनी स्पष्टवादिता के लिए मशहूर अजित पवार’काम में कोताही बर्दाश्त नहीं करते थे।
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शिवाजीनगर मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान उन्होंने गुणवत्ता में कमी दिखने पर अधिकारियों को खुले मंच से फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि अधूरे कामों के लिए न बुलाया जाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने एक ऐसा ‘अभिभावक’ खो दिया है, जो गलती पर कान खींचने का साहस रखता था।






