NCP leader Ajit Pawar (सोर्सः सोशल मीडिया)

पिछले साढ़े चार दशकों में महाराष्ट्र की राजनीति में उन्होंने जो छवि बनाई, अपनी आख़िरी सांस तक एक ‘काम करने वाले आदमी’ के रूप में जिसे उन्होंने कायम रखा, ग्रामीण महाराष्ट्र से उनका गहरा रिश्ता, अपने लिए एक राजनीतिक यूनिवर्सिटी बनाते समय किया गया वादा और उस वादे को निभाने के लिए किया गया संघर्ष इन तमाम भावनाओं को समेटे हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में अत्यंत गमगीन माहौल में पूरे सरकारी सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

अजित पवार के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार उनके पुत्र पार्थ पवार और जय पवार ने किया। इस दौरान बारामती ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई।

विद्या प्रतिष्ठान के प्रांगण में समर्थकों ने “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाए और अपने प्रिय नेता को भावुक विदाई दी। कटेवाड़ी से लेकर विद्या प्रतिष्ठान तक उमड़ा जनसैलाब, अजितदादा के प्रति लोगों के अटूट प्रेम का साक्षी बना। बारामती ही नहीं तो दुरदराज से जनता उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंची थी।

अजित पवार के अंतिम दर्शन के लिए सुप्रिया सुले स्वयं सुनेत्रा पवार को लेकर आईं। इस मौके पर पार्थ, जय, रोहित और युगेंद्र पवार भी मंच के पास मौजूद थे। खुद़ सुप्रिया सुले फूट-फूटकर रोईं

अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए देशभर से कई दिग्गज नेता बारामती पहुंचे। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सरकार में सहकारी और मित्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।

अंतिम संस्कार के लिए विद्या प्रतिष्ठान मैदान में विशेष मंच बनाया गया था। जहां पर सुप्रिया सुले पुरे परिवार को संभालते दिखी।

मंच पर पवार परिवार के सदस्य, और सभी नेता मौजूद थे। परिवार के सदस्यों ने अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर पार्थ, जय, रोहित और युगेंद्र पवार भी मंच के पास मौजूद थे।

कई लोगों के लिए यह क्षण बेहद दिल तोड़ने वाला था कि जो दादा हमेशा मदद के लिए दौड़ पड़ते थे, वह अब हमारे बीच नहीं रहे। यह दृश्य देखकर अनगिनत आंखें नम हो गईं। कई महिलाएं रोती बिलखती दिखाई दी।

अजित पवार को विदाई देने के लिए देश भर से नेता बारामती पहुंचे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, चंद्रकांत पाटिल, हसन मुश्रीफ, केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल, छगन भुजबल, सांसद शाहू महाराज छत्रपति समेत कई दिग्गज मौजूद थे।

सुबह अजित पवार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कटेवाड़ी में रखा गया था, जहां हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। भारी भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया, जिसे विधायक रोहित पवार की अपील के बाद संभाला जा सका। गांव में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पार्थिव शरीर विद्या प्रतिष्ठान लाया गया।






