
दक्षिण अफ्रीका सड़क दुर्घटना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
South Africa News In Hindi: दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी क्वाजुलु-नेटाल प्रांत में गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। डरबन शहर के पास एक मिनीबस टैक्सी और एक बड़े ट्रक के बीच हुई इस सीधी भिड़ंत में कम से कम 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय सरकारी अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं ने इस भयावह घटना की पुष्टि की है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मिनीबस के परखच्चे उड़ गए और राहत कार्यों के लिए भारी मशीनों की मदद लेनी पड़ी।
प्रांतीय परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सिबोनिसो दूमा ने एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी कि सभी 11 पीड़ितों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। सबसे हृदयविदारक बात यह है कि इन मृतकों में एक स्कूली बच्चा भी शामिल है जो अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही इस हादसे का शिकार हो गया।
निजी पैरामेडिक सेवा ‘एएलएस पैरामेडिक्स’ के प्रवक्ता गैरिथ जैमिसन के अनुसार, कई अन्य लोग इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में मिनीबस का चालक भी शामिल है जो मलबे में बुरी तरह फंसा हुआ था और उसे निकालने में बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
हादसे के कारणों की प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों ने ट्रक चालक की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गवाहों का आरोप है कि ट्रक चालक ने अचानक सड़क के बीच में ही यू-टर्न लेने की कोशिश की जिससे सामने से तेज गति में आ रही मिनीबस को संभलने का मौका नहीं मिला और दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। पुलिस अब इस मामले की आपराधिक दृष्टिकोण से जांच कर रही है।
यह घटना इसलिए भी अधिक गंभीर है क्योंकि ठीक एक हफ्ते पहले 19 जनवरी को जोहान्सबर्ग के पास इसी तरह के एक हादसे में 14 स्कूली बच्चों की जान चली गई थी। उस हादसे में भी एक मिनीबस टैक्सी और ट्रक की टक्कर हुई थी, जिसमें अधिकारियों ने मिनीबस चालक को लापरवाही से ओवरटेक करने का दोषी पाया था। पिछले हादसे के चालक को गिरफ्तार कर उस पर हत्या के 14 मामले दर्ज किए गए हैं।
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दक्षिण अफ्रीका में सड़क सुरक्षा एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां मिनीबस टैक्सी सार्वजनिक परिवहन का सबसे पसंदीदा साधन है, जिसका उपयोग लगभग 70 प्रतिशत यात्री रोजाना काम या स्कूल जाने के लिए करते हैं। हालांकि, ड्राइवरों की लापरवाही और यातायात नियमों का उल्लंघन अक्सर मासूम लोगों की जान पर भारी पड़ता है। सरकार ने इस नवीनतम घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे ‘मौत के सफर’ को रोका जा सके।






