Pune: करोड़पति बिल्डर से लेकर वाहन चालक तक, पिंपरी मनपा की नई परिषद में दिखी सामाजिक विविधता

Maharashtra: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की नवनिर्वाचित परिषद में इस बार बिल्डरों और व्यावसायिक वर्ग का वर्चस्व दिखा है। हालांकि, गृहिणियों और नौकरीपेशा प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने सामाजिक संतुलन भी बनाया है।
PCMC Corporators Relatives Interference
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की नवनिर्वाचित परिषद इस बार सामाजिक और व्यावसायिक विविधता का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आई है।

परिषद में जहां करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाले बिल्डर और उद्योगपति शामिल हैं, वहीं एक वाहन चालक और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी भी जनता की आवाज बनकर सदन में पहुंचे हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 65 सदस्यीय परिषद में निर्माण व्यवसाय से जुड़े 17 नगरसेवक चुने गए हैं, जो सबसे बड़ा पेशागत समूह है। इसके अलावा 18 किसान, 9 व्यापारी और 5 उद्योगपति भी सदन का हिस्सा हैं। शहर के तेजी से हो रहे औद्योगिक और रियल एस्टेट विकास के बीच बिल्डरों का राजनीतिक प्रभाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

नागरिक मुद्दों पर उठे सवाल

जानकारों का मानना है कि परिषद में व्यावसायिक पृष्ठभूमि के सदस्यों की अधिक संख्या से यह सवाल उठता है कि पानी की समस्या, अवैध निर्माण और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर कितनी निष्पक्षता से काम हो पाएगा। वहीं, 7 नगरसेवक नौकरीपेशा वर्ग से हैं, जिनमें से एक नगरसेविका करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद खुद को कामकाजी बताती हैं।

महिलाओं की मजबूत भागीदारी

नई परिषद का सबसे सकारात्मक पहलू महिलाओं की भागीदारी मानी जा रही है। कुल 31 नगरसेविकाएं गृहिणी पृष्ठभूमि से हैं, जो अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर शहर की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा 2 महिलाएं ट्रांसपोर्ट और 1 पर्यटन व्यवसाय से जुड़ी हैं।

संतुलन और चुनौती दोनों

जहां एक ओर परिषद में विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर बिल्डरों की संख्या को लेकर बहस भी शुरू हो गई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह विविधता शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को किस दिशा में ले जाती है।