
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Kumbh Mela Preparation: त्र्यंबकेश्वर आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों को लेकर अखाड़ा परिषद के साधु-संतों और प्रशासन के बीच उपजी कड़वाहट को दूर करने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रभारी व कुंभमेला मंत्री गिरीश महाजन और प्रमुख संतों के बीच हुई अनौपचारिक चाचों ने सुलह के संकेत दिए हैं।
मंत्री महाजन ने संतों को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी सभी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
प्रशासन पर संतों का फूटा था गुस्साविवाद की शुरुआत 24 जनवरी को हुई एक बैठक से हुई थी, जिसमें अखाड़ा परिषद के साधु-महंतों ने कुंभमेला प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली और अनदेखी पर तीखी आलोचना की थी।
मीडिया में संतों की नाराजगी की खबर सुर्खियां बनने के बाद शासन स्तर पर हलचल मच गई। संतों को मनाने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी जी महाराज और उनके सहयोगियों को नासिक के गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
गणतंत्र दिवस समारोह में महामंत्री हरिगिरी जी महाराज के साथ श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती महाराज और महंत धनंजयगिरी महाराज भी उपस्थित रहे। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को आयोजित होने वाले पावन ‘गोदावरी जन्मोत्सव’ में मंत्री गिरीश महाजन शामिल होंगे।
माना जा रहा है कि इस धार्मिक उत्सव के दौरान मंत्री और संतों के बीच कुंभमेले के नियोजन को लेकर एक बार फिर विस्तृत चर्चा हो सकती है ताकि संतों का कोप टाला जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर अब यह कोशिश की जा रही है कि सिंहस्थ कुंभमेले के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और संतों के प्रवास को लेकर कोई कमी न रहे।
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गिरीश महाजन स्वयं संतों के साथ समन्वय बिठाने में जुटे हैं ताकि प्रशासनिक देरी के कारण संतों में फिर से असंतोष न पैदा हो।
बुधवार को होने वाला गोदावरी जन्मोत्सव इस सुलह की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।






