सिंहस्थ से बदलेगी नासिक की तस्वीर, बनेगा धार्मिक टूरिज्म कॉरिडोर से बढ़ेगा रोजगार और पर्यटन

Religious Corridor: आगामी सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए राज्य सरकार नासिक-त्र्यंबकेश्वर-शिरडी सहित धार्मिक कॉरिडोर बना रही है। इससे पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
The Kumbh Mela will transform Nashik, creating a religious tourism corridor that will boost employment and tourism.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Nashik Kumbh: नासिक आने वाले सिंहस्थ कुंभमेले को लेकर, राज्य सरकार ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर-शिरडी-सप्तश्रृंगगढ़-शनिसिंहपुर का धार्मिक कॉरिडोर बनाने की पहल को है। इससे नासिक डिवीजन में टूरिज्म डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी और रोजगार पैदा होगा।

इसके साथ ही, नासिक में धार्मिक, ऐतिहासिक और एग्रो-टूरिज्म के बढ़ने का एक बड़ा मौका बना है। नासिक और त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर, सरकार ने जिले के साथ-साथ नासिक डिवीजन में भी कई जरूरी डेवलपमेंट के काम किए हैं।

इस डेवलपमेंट के तहत टूरिज्म सेक्टर में मौकों और रोजगार को देखते हुए, सरकार ने एक धार्मिक कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। इस धार्मिक कॉरिडोर में नासिक और अहिल्यानगर जिलों के धार्मिक स्थलों को जोड़ा जाएगा।

इस कॉरिडोर को डेवलप करते समय अच्छी सड़कें, भक्तों के लिए कई तरह की सुविधाएं और लोकल लेवल की सुविधाएं बनाई जा रही हैं। इससे जिलों के डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन, इसके साथ ही रोजगार के नए मौके भी बनेंगे, इसलिए यह धार्मिक कॉरिडोर नॉर्थ महाराष्ट्र के साथ साथ राज्य के टूरिज्म को भी नई रफ्तार देगा।

नासिक जिले को खेली वाला जिला माना जाता है, वहां पिछले कुछ सालों में एग्री-टूरिज्म सेंटर्स के जरिए रोजगार पैदा हुए हैं। सिंहस्थ को देखते हुए टूरिज्म डिपार्टमेंट एग्री टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल कर रहा है। इससे नासिक के हर तरफ के डेवलपमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही, इस मौके पर नासिक की वाइन को प्रमोट करने के लिए सरकारी लेवल पर भी काम चल रहे हैं।

भीमाशंकर मंदिर का किया जा रहा है पुर्नविकास

पुणे जिले के जुन्नर तालुका में श्रीक्षेत्र भीमासकर ज्योतिलिंग भवती के लिए पूजा की जगह है। फिलहाल, सरकार ने भीमाशंकर मंदिर को बचाने और पुर्नविकास करने का काम शुरू किया है। इलाके में भक्तों के लिল্যা कई तरह की सुविधाएं भी दी जा रही है। सिंहस्थ कुंभमेले के साथ मिलकर किए जा रहे इस काम से भविष्य में श्रीक्षेत्र त्र्यंबकेश्वर, श्रीक्षेत्र घृष्णेश्वर और श्रीक्षेत्र भीमाशंकर समेत तीनी इलाके जुड़ जाएंगे इससे तीनों जिलों में टूरिज्म बढ़ेगा और रोजगार के मौके मिलेंगे।

'Ai' के जरिए बिजनेस के मौके

नासिक टूरिज्म डायरेक्टरेट Ai पहल के तहत टूरिज्म सेक्टर में ज्यादा महिलाओं को रोजगार के मौके दे रहा है। इसमें महिलाओं को टूरिस्ट गाइड, होम-स्टे, टूर ऑपरेटर जैसी कई तरह की एक्टिविटीज के लिए सहायता निधि बांटी जा रही है।

अब तक टूरिज्म डायरेक्टरेट को नासिक डिवीजन से लगभग 360 प्रपोजल मिले हैं। इनमें से 295 प्रपोजल शुरुआती स्टेज में है। और 50 प्रपोजल को मंजूरी देते हुए महिला एंटरप्रेन्योर्स को 8।81 करोड़ रुपये के लोन दिए गए। सरकार ने ब्याज के तौर पर 13.81 लाख रुपये दिए।

श्री क्षेत्र घृष्णेश्वर के लिए फंड

सिंहस्थ कुंभ मेले के सिलसिले में नासिक आने वाले भवत श्री घृष्णेश्वर (छत्रपति संभाजीनगर जिला) जाएंगे, इसलिए, राज्य सरकार ने श्री घृष्णेश्वर क्षार, अंजता गुफा क्षेत्र और छत्रपति संभाजीनगर जिले के प्रमुख पर्यटन क्षेत्री के विकास के लिए लगभग बार से पाच हजार करोड़ रुपये का फंड दिया है

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