
नासा आर्टेमिस II में मिशन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
NASA Moon Mission News In Hindi: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा की सतह के चारों ओर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के अपने बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक मिशन Artemis II को कम से कम एक महीने के लिए टाल दिया है।
एजेंसी ने यह निर्णय एक महत्वपूर्ण परीक्षण के दौरान ईंधन रिसाव और अन्य तकनीकी खामियां सामने आने के बाद लिया है। पहले यह मिशन अगले सप्ताह की शुरुआत में लॉन्च होना था लेकिन अब इसे मार्च तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।
नासा के इंजीनियरों ने लॉन्च से पहले होने वाली अहम तैयारी प्रक्रिया, जिसे वेट ड्रेस रिहर्सल कहा जाता है उसी दौरान कुछ तकनीकी खामियों का पता लगाया। इस टेस्ट में 98 मीटर ऊंचे स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट में करीब 2.6 मिलियन लीटर अत्यधिक ठंडा लिक्विड हाइड्रोजन और लिक्विड ऑक्सीजन भरी जा रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान ईंधन के रिसाव यानी हाइड्रोजन लीकेज की समस्या सामने आई।
इसके साथ ही, रॉकेट के ऊपर स्थित ओरियन कैप्सूल के एक वॉल्व में भी समस्या पाई गई है। गौरतलब है कि इसी ओरियन कैप्सूल में चार अंतरिक्ष यात्री अपनी 10 दिवसीय यात्रा के दौरान रहेंगे और काम करेंगे। नासा ने कहा है कि उनकी टीमें अब इस दो दिवसीय परीक्षण से प्राप्त डेटा की पूरी तरह समीक्षा करेंगी ताकि खामियों को दूर किया जा सके।
आर्टेमिस II मिशन वैज्ञानिक दृष्टि से और सामाजिक विविधता के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। यह मिशन वर्ष 1972 में अपोलो-17 के बाद पहली बार इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाने वाला होगा। इसकी कमान रीड वाइजमैन के हाथों में होगी। उनके साथ क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर भी मिशन का हिस्सा होंगे जो चंद्रमा की कक्षा से आगे जाने वाली पहली महिला और पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बनकर इतिहास रचेंगे।
इसके अलावा, कनाडा के भौतिक विज्ञानी और फाइटर पायलट जेरेमी हैनसेन भी इस मिशन में शामिल होंगे, जो चंद्रमा की यात्रा करने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री होंगे।
यह पहली बार नहीं है जब नासा के इस शक्तिशाली रॉकेट को हाइड्रोजन रिसाव की समस्या का सामना करना पड़ा है। साल 2022 में बिना चालक दल वाले आर्टेमिस I मिशन के दौरान भी इसी तरह के रिसाव के कारण परीक्षणों में देरी हुई थी।
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मिशन की देरी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी निराशाजनक है, क्योंकि वे मिशन से पहले किसी भी संक्रमण से बचने के लिए पिछले दो हफ्तों से क्वारंटाइन में थे। अब उन्हें अगली लॉन्च विंडो से लगभग दो हफ्ते पहले दोबारा क्वारंटाइन में जाना होगा। नासा का लक्ष्य आर्टेमिस II की सफलता के बाद आर्टेमिस III के जरिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इंसानों को उतारना और वहां स्थायी उपस्थिति बनाना है।






