आश्रम स्कूलों में आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, AE-BAS पोर्टल से ट्राइबल स्कूलों में पारदर्शिता

Nashik Tribal School Staff: नासिक के सहायता प्राप्त ट्राइबल आश्रम स्कूलों में टीचर व नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। AE-BAS पोर्टल से पारदर्शिता बढ़ेगी।
Aadhaar-linked biometric attendance is mandatory in ashram schools; the AE-BAS portal brings transparency to tribal schools
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik AE BAS Attendance System: नासिक आदिवासी विकास विभाग ने राज्य के सहायता प्राप्त ट्राइबल आश्रम स्कूलों में टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस जरूरी करने का फैसला किया है। इसके लिए AE-BAS पोर्टल लागू किया गया है। इस फैसले से टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ की अटेंडेंस में ट्रांसपेरेंसी आएगी और कर्मचारियों की गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।

पिछले साल, ट्राइबल डेवलपमेंट मिनिस्टर डॉ. अशोक वुइके ने 'AE-BAS' पोर्टल लॉन्च किया था। तब से, यह सिस्टम ट्राइबल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के तहत आने वाले रीजनल ऑफिस के लिए लागू किया गया है।

'शालार्थ' पेरोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा इसमें सभी अतिरिक्त आयुक्त और प्रोजेक्ट ऑफिसर ऑफिस, सरकारी आश्रम स्कूलों, हॉस्टल के अधिकारी, टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ, बाहरी सोर्स से नियुक्त कर्मचारी शामिल हैं।

ये सभी कर्मचारी आधार बेस्ड अटेंडेंस रजिस्टर कर रहे हैं। अब, डिपार्टमेंट के तहत एनजीओ द्वारा चलाए जा रहे एडेड आश्रम स्कूलों में सभी टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ, बाहरी सोर्स से नियुक्त सभी टीचर्स और मल्टीपर्पस क्लास-4 पोस्ट पर नियुक्त कैंडिडेट्स के लिए आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस जरूरी कर दी गई है।

'शालार्थ' पेरोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा

उस बीच, AE-BAS पोर्टल से मिले टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ के अटेंडेंस डेटा को सीधे 'शालार्थ' पेरोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। आदिवासी विकास विभाग ने साफ किया कि संबंधित टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ की सैलरी उसी आधार पर काटी

आदिवासी विकास विभाग का लक्ष्य राज्य के सभी एडेड आश्रम स्कूलों में पारदशिर्ता लाना है। AE-BAS सिस्टम टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ की अटेंडेंस का सही डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल एडमिनिस्ट्रेटिव डिसिप्लिन आएगा, बल्कि दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान रोकने में भी बहुत मदद मिलेगी।

- आदिवासी विकास विभाग कमिश्नर, लीना बनसोड

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