
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Municipal Election, Ticket Distribution: नासिक रोड आगामी महानगरपालिका चुनाव की पृष्ठभूमि में भारतीय जनता पार्टी के भीतर का आंतरिक असंतोष अब हिंसक रूप लेने लगा है।
नासिक रोड स्थित भाजपा कार्यालय में आज निष्ठावान कार्यकर्ताओं और इच्छुक उम्मीदवारों ने शहराध्यक्ष सुनील केदार तथा स्थानीय विधायकों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी और ‘आयातित’ उम्मीदवारों को मौका देने के आरोपों के बीच परिसर में भारी तनाव देखा गया। टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू होते ही पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है वर्षों से पार्टी के लिए जमीन पर काम करने वाले पदाधिकारियों का आरोप है कि उन्हें दरकिनार कर बाहरी दलों से आए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
संभाजी मुरुस्कर, दिनकर आढाव और श्वेता भंडारी जैसे नामों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में तीव्र नाराजगी है। इस प्रदर्शन में सचिन हांडगे, प्रवीण पवार, योगेश कपिले, रामदास गांगुर्डे और आरपीआई नेता संजय भालेराव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।
आरोप : नाराज कार्यकर्ताओं ने शहराध्यक्ष सुनील केदार के सामने सीधे सवालों की बौछार कर दी। प्रदर्शनकारियों ने खुलेआम आरोप लगाया कि उम्मीदवारों के चयन में भारी आर्थिक लेन-देन किया गया है।
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जब स्थिति बेकाबू होने लगी और कार्यकर्ताओं ने केदार को घेर लिया, तब नासिक रोड पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक जितेंद्र सपकाले और जयंत शिरसाट ने मौके पर पहुँचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। कार्यकर्ताओं का दावा है कि शहराध्यक्ष सवालों का जवाब देने के बजाय वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे।
स्थानीय नेतृत्व के व्यवहार से क्षुब्ध कार्यकर्ताओं ने अब सीधे प्रदेश स्तर पर लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि वे अपनी शिकायतों का लिखित ज्ञापन सार्वजनिक निर्माण मंत्री रविंद्र चव्हाण और राज्य के ग्राम विकास मंत्री गिरीश महाजन को सौपेंगे, कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के लिए खून-पसीना एक करने वालों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, नासिक रोड में हुए इस हंगामे ने भाजपा के चुनावी समीकरणों को उलझा दिया है।






