पलाश के फूलों से बनाएं ऑर्गेनिक गुलाल, इसका रंग भी पक्का और स्किन के लिए फायदेमंद भी

Palash Flower: फाल्गुन में खिलने वाले पलाश के फूलों से घर पर आसानी से नेचुरल और ऑर्गेनिक गुलाल तैयार किया जा सकता है। यह रंग न सिर्फ चटक और सुंदर होता है, बल्कि त्वचा के लिए भी सुरक्षित माना जाता है।
Chemical-Free Holi
पलाश के फूल (सौ.सोशल मीडिया)
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Chemical-Free Holi: महाशिवरात्रि का पर्व बीत चुका है और अब रंगों के त्योहार होली का खुमार चढ़ने लगा है। बाजार में तरह-तरह के रंग और गुलाल बिकना शुरू हो गया हैं। आजकल बाजार में मिलने वाले कई होली के रंगों में केमिकल की मात्रा ज्यादा होती है।

ऐसे रंगों से होली खेलने पर त्वचा में जलन, खुजली, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प अपनाना ज्यादा बेहतर हो सकता है। ऐसे में होली पर पलाश के फूलों से बना नेचुरल कलर इस्तेमाल किया जा सकता है।

होली पर पलाश के फूल, जिसे आम बोलचाल में टेसू कहते हैं, उससे बने रंगों का अपना अलग ही महत्व है। टेसू से बना रंग किसी तरह का नुकसान तो करता ही नहीं है, बल्कि इससे त्वचा निखर उठती है।

  • आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर पलाश के फूल

आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, पलाश के फूलों से बना नेचुरल कलर बनाया जा सकता है। पलाश (टेसू) के फूलों से घर पर बना प्राकृतिक गुलाल स्किन के लिए बेहद सुरक्षित और फायदेमंद है। यह आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है जो स्किन को ठंडक देता है, एलर्जी रोकता है और चेहरे पर कुदरती चमक लाता है। सूखे फूलों को पीसकर या पानी में उबालकर आसानी से नारंगी-केसरिया रंग का गुलाल व पानी बनाया जा सकता है

पलाश से नेचुरल गुलाल बनाने का तरीका

फाल्गुन में खिलने वाले पलाश के फूलों से घर पर आसानी से प्राकृतिक और चटक रंग का गुलाल तैयार किया जा सकता है। यह तरीका सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल है।

  सूखा गुलाल बनाने की विधि

  1. फूल इकट्ठा करें: ताजे और साफ पलाश के फूल चुन लें।

  2. अच्छी तरह सुखाएं: इन्हें 2–3 दिन धूप में फैला कर पूरी तरह सुखा लें, ताकि नमी बिल्कुल न रहे।

  3. पीस लें: सूखने के बाद मिक्सर में बारीक पाउडर बना लें।

  4. मुलायम बनाएं: चाहें तो इसमें थोड़ा कॉर्नफ्लोर या बेसन मिलाकर इसे और सॉफ्ट बना सकते हैं।

  • पानी वाला रंग कैसे बनाएं

अगर पानी वाला रंग चाहिए तो सूखे या ताजे फूलों को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह तक पानी गहरे नारंगी रंग का हो जाएगा, जिसे होली खेलने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह पलाश के फूलों से बना प्राकृतिक गुलाल न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि होली के पारंपरिक और प्रकृति से जुड़े स्वरूप को भी जीवित रखता है।

पलाश के फूलों के त्वचा और बालों के लिए फायदे

पलाश के फूल सिर्फ होली के रंग बनाने के काम नहीं आते, बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

  • एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर

पलाश के फूलों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं।

  • विटामिन E का स्रोत

इनमें मौजूद विटामिन ई त्वचा को पोषण देता है और धूप से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायक होता है।

  • सनबर्न में राहत

पलाश के फूल त्वचा की जलन और सनबर्न को कम करने में मदद कर सकते हैं।

  • सूजन और इरिटेशन कम करें

इन फूलों में प्राकृतिक गुण होते हैं, जो इंफ्लेमेशन और स्किन इरिटेशन को शांत करने में सहायक हैं।

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