
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोेर्स: सोशल मीडिया AI)
National Consumer Day: नासिक ग्राहक बाजार व्यवस्था का केंद्र बिंदु है और उनके हितों की सुरक्षा के लिए अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता ही धोखाधड़ी, दोषपूर्ण सेवाओं और अनुचित व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करती है।
यह विचार अपर जिलाधिकारी (मालेगांव) देवदत्त केकाण ने कलेक्ट्रेट स्थित नियोजन भवन में ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उपभोक्ताओं को प्राप्त हैं छह प्रमुख अधिकार अपर जिलाधिकारी केकाण ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत ग्राहकों को शक्तिशाली बनाने के लिए छह प्रमुख अधिकार दिए गए हैं।
ग्राहक को वस्तु की गुणवत्ता, शुद्धता और कीमत जानने का पूरा हक है। अपनी पसंद की वस्तु चुनने और गड़बड़ी होने पर अपनी बात रखने का अधिकार। दोषपूर्ण सेवा के बदले हर्जाना पाने और उपभोक्ता शिक्षा प्राप्त करने की गारंटी। खरीदारी करते समय हमेशा वजन-माप की जांच करें, पक्का बिल लें और संदेह होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के संयुक्त आयुक्त मनीष सानप ने सख्त चेतावनी जारी की है। खाद्य व्यवसाय के लिए लाइसेंस अनिवार्य है और लेबल पर उत्पादन तिथि व एक्सपायरी डेट होना जरूरी है।
यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई जाती है, तो 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में, जहां मिलावट से मृत्यु हो जाए, वहां आजीवन कारावास का प्रावधान है।
किसी भी शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-112-100 पर संपर्क कर सकते हैं। इस वर्ष के कार्यक्रम का मुख्य जोर ‘डिजिटल न्याय’ के माध्यम से त्वरित समाधान पर रहा।
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कार्यक्रम में वैध मापन शास्त्र विभाग के सुनील सांगले ने व्यापारियों के लिए प्रमाणित बाट और उपकरणों के उपयोग की अनिवार्यता पर जोर दिया। समारोह के दौरान ‘संघटकांची अष्ठाध्यायी’ पुस्तिका का विमोचन किया गया।






