
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election Results: नासिक महानगरपालिका की 122 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं और इन आंकड़ों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। शहर की जनता ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर अपना अटूट विश्वास जताया है।
भाजपा ने 72 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं, कभी नासिक की सत्ता पर काबिज रहने वाली राज ठाकरे की मनसे को इस चुनाव में करारा झटका लगा है और पार्टी महज एक सीट पर सिमट गई है।
चुनाव से ठीक पहले विवादों के बीच भाजपा में शामिल हुए सुधाकर बडगुजर ने अपनी सीट तो बचा ली, लेकिन वे अपने बेटे को जिताने में नाकाम रहे। प्रभाग 29 में उनके पुत्र दीपक बडगुजर को निर्दलीय उम्मीदवार मुकेश शहाणे ने करारी शिकस्त दी है। बता दें कि सुधाकर बडगुजर के भाजपा प्रवेश पर पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने काफी नाराजगी जताई थी, जिसका असर इस हार के रूप में देखा जा रहा है।
नासिक मनपा चुनाव के सबसे चौंकाने वाले नतीजे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के रहे। 2012 में नासिक की सत्ता संभालने वाली और 2017 तक मुख्य मुकाबले में रहने वाली मनसे का अब केवल एक ही नगरसेवक सदन में नजर आएगा। शहर के विकास का ‘ब्लू प्रिंट’ पेश करने वाली पार्टी के लिए यह अस्तित्व बचाने का बड़ा संकट है।
नतीजों से स्पष्ट है कि नासिक में महायुति (भाजपा शिंदे सेना अजित पवार गुट) – ने मिलकर विपक्षी गठबंधन को पूरी तरह अप्रासंगिक बना दिया हैः दूसरे नंबर पर शिंदे – सेनाः मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 26 सीटों पर जीत हासिल कर – शहर में अपनी पकड़ मजबूत की है।
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उद्धव गुट की गिरावटः प्रखर हिंदुत्व और नासिक से पुराने जुड़ाव के दावों के बावजूद उद्धव ठाकरे की शिवसेना केवल 15 सीटों तक ही – पहुंच सकी। अजित पवार गुट का फीका प्रदर्शनः शहर की राजनीति में कभी निर्णायक रहने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस इस बार केवल 4 सीटों पर सिमट गई।






