पिंपलगांव दुकरा बनी नाशिक की आदर्श महिला-बाल हितैषी ग्राम पंचायत, आय दोगुनी करने की पहल

Anemia-free village: नाशिक की पिंपलगांव दुकरा ग्राम पंचायत को आदर्श महिला-हितैषी व बाल-हितैषी पंचायत का दर्जा मिला है। समृद्धि पंचायत राज व एनीमिया मुक्त ग्राम अभियान से गांव विकास की नई मिसाल बना है।
Pimpalgaon Dukra becomes Nashik's model women and child-friendly Gram Panchayat, with initiatives to double income
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Samruddhi Panchayat Raj Abhiyan: नाशिक इगतपुरी तहसील की पिंपलगांव दुकरा ग्राम पंचायत को ही आदर्श महिला-हितैषी और बाल-हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में चुना गया है। इसी के अनुरूप, मुख्यमंत्री के समृद्धि पंचायत राज अभियान और एनीमिया मुक्त ग्राम अभियान को कार्यान्वित किया जा रहा है।

इसके चलते, कई गतिविधियों को सफलतापूर्वक कार्यान्वित करते हुए गांव समृद्धि की ओर अग्रसर है। विशेष रूप से, पिंपलगांव दुकरा गांव एक आदर्श महिला हितैषी और बाल-हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में पूरे जिले में प्रसिद्ध हो गया है।

ग्राम पंचायत अधिकारी हर्षिता पिलोडेकर, पूर्व सरपंच और स्वयं सहायता समूह प्रमुख मालन वकचौरे, आशा सेविका विजया जाधव, स्वयं सहायता समूह मित्र ज्योति भगत, समूह स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोरे, शिक्षिका रंजना महाजन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता शिंदे, कल्पना भगत, राजूबाई कुंडे, सहायिका सुनीता कुंडे, सुजाता जांकर, ग्रामसंग अध्यक्ष योगिता वकचौरे, सचिव प्रिया जांकर आदि के त्वरित कार्य करने के संकल्प को पूरा किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार, अर्जुन गुंडे, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्षा फडोल, इगतपुरी समूह विकास अधिकारी महेश वाल्वी, विस्तार अधिकारी पडवी और प्रशासक साहेबराव देशमुख का मार्गदर्शन प्राप्त है।

महिलाओं के सशक्तिकरण लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वित्त आयोग के कोष से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ऋण वितरित किए गए और व्यवसायों को प्रोत्साहन दिया गया। गाय-बकरी पालन, चाकू-कांटे की दुकानों, चाय चाय की दुकानों और भोजनालयों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर महिलाओं की आय दोगुनी की गई।

महिलाओं को दी गई बागवानी की ट्रेनिंग

महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एचबी स्ट्रिप्स, दवाइयां, बीज उपलब्ध कराकर 200 घरों में बागवानी की गई और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया। समय-समय पर महिला सभाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है और हेल्पलाइन नंबरों वाले पोस्टर लगाए गए है।

आंगनवाड़ी और महिला एवं बाल स्वास्थ्य केंद्रों में एनीमिया मुक्त पोषण सप्ताह मनाया जाता है, पर्यावरण संरक्षण के लिए 53 सौर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई और 10,000 वृक्षारोपण किए गए, लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह की रोकथाम, भ्रूण चयन से संबंधित मुद्दों और उनके समाधान के लिए चित्रकला, प्रवचन, दावंडी, प्रशिक्षण और बॉल पेंटिंग के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए गए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com