फिर हिंसा में जल रहा मणिपुर... ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला उखरुल, पुलिस ने ये क्या कर दी अपील?

Manipur Ukhrul Firing : मणिपुर के उखरुल जिले में आज सुबह फायरिंग हुई। इससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार 12 राउंड फायर किए गए। फिलहाल हालात काबू में हैं। लोगों से शांति की अपील की गई है।
Manipur is burning again
पाइल फोटो( इमेज-सोशल मीडिया)
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Manipur Ukhrul Firing News : मणिपुर का उखरुल जिला एक बार फिर हिंसा और तनाव की चपेट में है। शनिवार सुबह लितन सरेइखोंग इलाके में हुई ताजा फायरिंग ने स्थानीय लोगों के जख्मों को फिर से हरा कर दिया और पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। हालांकि, पुलिस का मानना है कि ये केवल 'ब्लैंक राउंड' थे, लेकिन अशांत माहौल में इन 12 राउंड गोलियों की गूंज ने शांति की कोशिशों को गहरा झटका दिया है।

मणिपुर पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10:55 बजे सिकिबुंग और लितन सरेइखोंग के बीच पहाड़ी इलाके में तांगखुल नागा गांव के स्वयंसेवकों की ओर से फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज सुनते ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सीआरपीएफ (CRPF) की टीमें सतर्क हो गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त टीम ने तुरंत मौके का मुआयना किया। प्रशासन ने कुकी और नागा दोनों समुदायों से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की पुरजोर अपील की है।

7 फरवरी से सुलग रहा है विवाद

उखरुल में तनाव की जड़ें 7 फरवरी की उस रात से जुड़ी हैं, जब एक तांगखुल नागा व्यक्ति के साथ कथित मारपीट हुई थी। वैसे, शुरुआत में मामला आपसी बातचीत से सुलझता दिख रहा था, लेकिन रविवार को होने वाली सुलह की बैठक टलने के बाद हिंसा भड़क उठी। इसके बाद पत्थरबाजी और 9 फरवरी की रात घरों में आगजनी जैसी घटनाएं सामने आईं। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ी थीं, जिन्हें शुक्रवार को ही बहाल किया गया था, लेकिन शनिवार की फायरिंग ने फिर से अनिश्चितता पैदा कर दी है।

जनजीवन पर पड़ा भारी असर

पिछले एक हफ्ते से जारी इस गतिरोध का सबसे बुरा असर आम जनता पर पड़ा है। इंफाल-उखरुल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगभग ठप है। बसें और निजी गाड़ियां सड़कों से नदारद हैं, जिससे उखरुल और कमजोंग जिलों में जरूरी सामानों की किल्लत होने लगी है। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं। फिलहाल पूरा इलाका छावनी में तब्दील है और प्रशासन समुदायों के बीच विश्वास बहाली की कोशिशों में जुटा है।

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