पूरी होंगी किसान सभा की स्वीकृत मांगें, सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा वादा, मोर्चा वापसी पर होगा फैसला

Farmers Long March Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर लॉन्ग मार्च से जुड़ी सभी स्वीकृत मांगों को लागू करने की गारंटी दी।
CM Devendra Fadnavis assurance
Farmers long march Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik farmers: वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन, समुद्री जल के स्थानीय उपयोग और पेसा भर्ती जैसी मांगों को लेकर निकाले गए लॉन्ग मार्च के संदर्भ में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ में मुलाकात की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंत्रियों की एम्पावर्ड कमेटी द्वारा किसान सभा की सभी स्वीकृत मांगों के पूर्ण क्रियान्वयन की गारंटी दी।

उन्होंने किसानों की मांगों का सम्मानजनक समाधान निकालने का भरोसा देते हुए मंत्री स्तर पर लगातार फॉलो-अप का भी आश्वासन दिया। इससे पहले किसान सभा के शिष्टमंडल ने मंत्रालय में मंत्रियों की एम्पावर्ड कमेटी के साथ विशेष बैठक की। बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके, स्कूली शिक्षा मंत्री दादासाहेब भुसे और वन मंत्री गणेश नाईक, मुख्य सचिव तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आंदोलनकारियों से चर्चा

किसान सभा की ओर से डॉ. अशोक ढवले, पूर्व विधायक जे.पी. गावीत, डॉ. अजीत नवले और विधायक विनोद निकोले सहित वरिष्ठ नेताओं ने करीब दो घंटे तक विस्तृत चर्चा की। किसान सभा ने बताया कि अब वे राज्य नेतृत्व और खर्डी में एकत्र आंदोलनकारियों से चर्चा करेंगे। बुधवार को जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन और नाशिक के जिलाधिकारी आंदोलनकारियों के समक्ष सरकार का पक्ष रखेंगे, जिसके बाद आंदोलन के भविष्य और मोर्चा वापसी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एम्पावर्ड कमेटी द्वारा स्वीकृत प्रमुख निर्णय

  • वन अधिकार और भूमि संबंधी मुद्दे:
  • वन अधिकार कानून के तहत दायर सभी दावों की प्रत्येक जिले में पुनः जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया अगले तीन महीनों में पूरी होगी।
  • वन भूमि पर खेती करने वाले किसानों का ई-पीक सर्वेक्षण कर उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
  • देवस्थान की जमीन पर खेती करने वाले किसानों के नाम भूमि स्थानांतरण से संबंधित कानून के मसौदे पर आठ दिनों के भीतर पुनः चर्चा की जाएगी।
  • ठाणे-पालघर जिले की वरकस जमीन को नियमित करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जल प्रबंधन:

आदिवासी इलाकों से समुद्र में जाने वाले पानी को गुजरात की ओर मोड़ने के बजाय स्थानीय स्तर पर बांध बनाकर रोकने और महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया। समुद्र में जा रहे पानी को मराठवाड़ा तक पहुंचाने की योजना को गति दी जाएगी।

अन्य निर्णय:

  • पेसा कानून के तहत 50 प्रतिशत पद भरने संबंधी न्यायालयीन आदेश का पालन करते हुए आदिवासी विभाग में भर्ती शुरू की जाएगी।
  • स्कूली पोषण आहार कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की जाएगी।
  • नाशिक-पुणे हाई-स्पीड रेल परियोजना को अकोले मार्ग से ले जाने की मांग पर तकनीकी अड़चनें दूर करने का आश्वासन दिया गया।