ट्रैफिक से राहत: नासिक रिंग रोड को मिली रफ्तार, भूमि अधिग्रहण शुरू; 65 किमी का परिक्रमा मार्ग

Traffic Relief: नासिक परिक्रमा मार्ग (रिंग रोड) परियोजना को गति मिली है। 65.66 किमी लंबा यह मार्ग भूमि अधिग्रहण के साथ शुरू होकर ट्रैफिक और कुंभ व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएगा।
Traffic relief: Nashik ring road project gains momentum, land acquisition begins; 65 km bypass route.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Nashik Ring Road: नासिक शहर में बढ़ती यातायात भीड़ को कम करने तथा आगामी कुंभ मेले के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही नासिक परिक्रमा मार्ग (रिंग रोड) परियोजना को गति मिल गई है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लंबाई 65.66 किलोमीटर होगी। इस परियोजना को लेकर कई प्रश्न उठ रहे थे, इसलिए प्रशासन ने रिंग रोड से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की है।

यह रिंग रोड DRDO जंक्शन, आडगांव, दिंडोरी रोड, पेठ रोड, गंगापुर रोड, सावरगांव, त्र्यंबक महामार्ग, नासिक-मुंबई महामार्ग, बिल्होली सहित कई प्रमुख मार्गों को जोड़ेगा। इससे बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और भविष्य में शहर के भीतर यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। परियोजना के लिए 60 मीटर चौड़ा पट्टा भूमि अधिग्रहण के माध्यम से लिया जाएगा।

7 मीटर चौड़े सर्विस रोड बनेंगे

इस पट्टे में 4 लेन का मुख्य मार्ग तथा दोनों ओर 7 मीटर चौड़े सर्विस रोड बनाए जाएंगे, सड़क की सतह डामरी होगी और शहर के नजदीकी क्षेत्रों में आवश्यक स्थानों पर पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यह रिंग रोड समृद्धि महामार्ग की तरह पूर्ण रूप से ऊंचा एक्सप्रेसवे नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र की भौगोलिक संरचना को ध्यान में रखकर आवश्यक ऊंचाई पर बनाया जाएगा, जहां-जहां प्रमुख मार्ग इस रिंग रोड को काटेंगे, वहां वहनों के लिए अंडरपास और सर्विस रोड की सुविधा दी जाएगी, जबकि अन्य स्थानों पर उपयुक्त जंक्शन विकसित किए जाएगे पर्यावरणीय पहलुओं का भी ध्यान रखा गया है।

NMRDA की नियमावली अनुसार होगा निर्माण काम

नालों और नदियों को पार करते समय पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा न आए, इसके लिए पुल और पाइप मोरी (कल्वर्ट) बनाए जाएंगे। साथ ही खेती के लिए उपयोगी पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं हेतु तय अंतराल पर क्रॉसिंग की व्यवस्था की जाएगी। रिंग रोड NMRDA के कार्यक्षेत्र में आता है। इसलिए इसे डीपी रोड के रूप में माना जाएगा।

इस कारण आसपास के क्षेत्रों में निमर्माण कार्य NMRDA की नियमावली के अनुसार किया जा सकेगा। भूमि अधिग्रहण के संबंध में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुआवजा भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार दिया जाएगा।

प्रारंभिक अधिसूचना से पहले के 3 वर्षों के बाजार व्यवहार के आधार पर दर तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2 गुना तथा शहरी क्षेत्रों के लिए। गुना गुणांक लागू होगा। इसके अतिरिक्त 100 प्रतिशत सोलाटियम भी दिया जाएगा।

अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील

जमीन मालिक सहमति देता है, तो सीधे समझौते के माध्यम से भूमि देने पर 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि मिल सकती है। जमीन पर स्थित मकान, कुएं, पेड़, पाइपलाइन आदि का अलग से मूल्यांकन कर उनके लिए भी अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।

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भूमि अधिग्रहण के बाद यदि कोई छोटा टुकड़ा खेती या उपयोग के योग्य नहीं बचता, तो उसे भी शासन द्वारा खरीदे जाने की व्यवस्था है। इस मुआवजे पर आयकर नहीं लगेगा, ऐसा भी प्रशासन ने स्पष्ट किया है। संयुक्त स्वामित्व या विवादित जमीन के मामले में रिकॉर्ड के अनुसार हिस्सेदारी तय की जाएगी। विवाद की स्थिति में संबंधित राशि संयुक्त खाते में या न्यायालय में जमा की जाएगी। इस बीच प्रशासन ने अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें।

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