वन भूमि पर अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, उकारा में वन विभाग की कार्रवाई, 0.47 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमणमुक्त

Forest Land Encroachment: भंडारा जिले के उकारा गांव में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 0.47 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त किया है।
Bhandara Forest Department
Forest Land Encroachment:भंडारा जिले के उकारा गांव
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Ukara Forest Action: भंडारा वन विभाग के अंतर्गत साकोली वन परिक्षेत्र के उकारा गांव में संरक्षित वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को सख्ती से हटाया गया है। यह कार्रवाई रविवार को की गई। महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 53 व 54 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए, सहायक वन संरक्षक (रोहयो, संरक्षण एवं अतिक्रमण निर्मूलन) के आदेशानुसार यह अभियान अमल में लाया गया।

किन्ही नियतक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उकारा गांव के गट क्रमांक 163 स्थित संरक्षित वन क्षेत्र में कुछ नागरिकों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया था। जांच में कुल चार अतिक्रमणकारियों द्वारा 0.47 हेक्टेयर आर वन भूमि पर अतिक्रमण पाया गया। वन विभाग के अनुसार, इनमें ताराबाई प्रभाकर येसनसुरे (0.12 हे. आर.), जयदेव धोंडू येसनसुरे (0.06 हे. आर.), प्रभाकर धोंडू येसनसुरे (0.14 हे. आर.) तथा संजयकुमार प्रमोद नशीने (0.15 हे. आर.) शामिल हैं। कार्रवाई के बाद उक्त संपूर्ण भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर पुनः वन विभाग के अधीन ले लिया गया है।

राजस्व नियमों के तहत सख्त कदम

इस निष्कासन कार्रवाई के लिए सहायक वन संरक्षक कार्यालय द्वारा 3 जनवरी को विधिवत आदेश जारी किए गए थे। भंडारा वन विभाग के उपवन संरक्षक योगेंद्र सिंह तथा सहायक वन संरक्षक संजय मेंढ़े के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी सचिन कटरे ने इस अभियान का नेतृत्व किया। वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

प्रशासन व वन विभाग का समन्वय

कार्रवाई को सफल बनाने के लिए साकोली और लाखनी वन परिक्षेत्र के वन कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान उकारा की सरपंच शालू धनंजय इलपाते तथा पुलिस पाटिल माणिकराव सिताराम तरोने की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। स्थानीय प्रशासन और ग्राम प्रतिनिधियों के सहयोग से यह निष्कासन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।

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