-
सोम, 13 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Zilla Parishad School Student Strength Decline Rural Education Nagpur
नागपुर ZP स्कूलों पर अस्तित्व का संकट; 75% स्कूलों में 50 से भी कम छात्र, 188 शालाएं बंद होने की कगार पर
- Written By: अंकिता पटेल
Nagpur Zilla Parishad School: नागपुर जिले के 75% जिला परिषद स्कूलों में 50 से कम विद्यार्थी हैं। 188 स्कूलों में सिर्फ 1 से 10 छात्र पढ़ रहे हैं, जिससे कई स्कूलों के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है।

नागपुर, जिला परिषद स्कूल,प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: एआई फोटो)
Nagpur Zilla Parishad Schools Rural Education: नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जिला परिषद के स्कूल्स निजी स्कूलों से स्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। शालाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर डिजिटल शालाएं, एआई लैब, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, मुफ्त यूनिफार्म आदि सहित विविध सुविधाएं तक दी जा रही हैं। बावजूद इसके जेडपी के स्कूल अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जिले की 75 फीसदी जेडपी शालाएं ऐसी हैं जहां 50 से भी कम बच्चे हैं। 188 तो ऐसी हैं जहां 1 से 10 तक विद्यार्थी ही हैं। ऐसी शालाएं बंद होने की कगार पर हैं। इस गंभीर स्थिति की चिंता न ही विभाग को है और न ही सरकार को।
विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की बजाय प्रशासन शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ाने में ही व्यस्त है। इसका परिणाम यह हुआ है कि जिले के 1,509 में से 1,137 स्कूलों में छात्रों की संख्या 50 से भी कम रह गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग की निष्क्रय, दिशाहीन और असफल कार्यप्रणाली को जिम्मेदार माना जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
दुनियाभर के मराठी समाज को जोड़ेगा महा-एनआरआई कनेक्ट, सरकार बोली- केवल संपर्क नहीं, बनेगा स्थायी रिश्ता
बाल-बाल बची जान! शिंदे गुट के नेता का बर्थडे बैनर दुपहिया सवार पर गिरा, देखें खौफनाक VIDEO
महाराष्ट्र में अब मिलेंगे QR कोड वाले स्मार्ट राशन कार्ड, फर्जी कार्डों पर लगेगी पूरी तरह रोक
पंढरपुर वारी के लिए पूरे महाराष्ट्र से चलेंगी 5500 स्पेशल ST बसें, महिलाओं को 50% छूट और बुजुर्गों को फ्री सफर
हर वर्ष कम हो रही संख्या
जिला परिषद की शालाओं में हर वर्ष विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, 188 स्कूलों में केवल 1 से 10 छात्र, 332 स्कूलों में 11 से 20 छात्र, 310 स्कूलों में 21 से 30 छात्र, 182 स्कूलों में 31 से 40 छात्र, जबकि 125 स्कूलों में 41 से 50 छात्र हैं। केवल 372 स्कूलों में ही विद्यार्थियों की संख्या 50 से अधिक है।
यह भी पढ़ें:-पूर्व नागपुर के सरोदेनगर में 30 साल से विकास का इंतजार; 345 घरों के 1,500 से अधिक नागरिक सुविधाओं से वंचित
यानी जिले के लगभग हर 4 में से 4 स्कूल छात्र संख्या घटने के कारण वीरान होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। यह स्थिति अचानक नहीं बनी है। वर्षों से चली आ रही गलत नीतियां, योजनाबद्ध विकास का अभाव, ग्रामीण शिक्षा सुविधाओं की उपेक्षा तथा शिक्षकों को जनगणना, चुनाव, सर्वेक्षण और विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर जानकारी भरने जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगातार लगाए जाने का परिणाम बताया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाने की बजाय उन्हें कागजी कार्यों में उलझा दिया गया है, जिससे जिला परिषद स्कूलों की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
स्कूलों के विलय व पदों में कटौती
- चिंताजनक यह है कि छात्र संख्या घटने के मूल कारण को जानने की बजाय प्रशासन स्कूलों के विलय, शिक्षकों को अतिरिक्त घोषित करना और पदों में कटौती करने में लगा है।
- इसकी कीमत शिक्षकों और ग्रामीण विद्यार्थियों को चुकानी पड़ रही है। शिक्षा को विकास की नींव माना जाता है लेकिन ग्रामीण भागों में यह नींव कमजोर होती जा रही है।
- 1 से 10 विद्यार्थी संख्या वाली शालाओं को बंद करने या अन्य शालाओं में विलय करने का काम ही किया जा रहा है।
जिला परिषद की शालाएं व विद्यार्थी संख्या
| छात्र संख्या | स्कूलों की संख्या |
|---|---|
| 1 से 10 छात्र | 188 |
| 11 से 20 छात्र | 332 |
| 21 से 30 छात्र | 310 |
| 31 से 40 छात्र | 182 |
| 41 से 50 छात्र | 125 |
| 50 से अधिक छात्र | 372 |
| कुल | 1,509 स्कूल |
Zilla parishad school student strength decline rural education nagpur
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर ZP स्कूलों पर अस्तित्व का संकट; 75% स्कूलों में 50 से भी कम छात्र, 188 शालाएं बंद होने की कगार पर
Jul 13, 2026 | 03:32 PMदुनियाभर के मराठी समाज को जोड़ेगा महा-एनआरआई कनेक्ट, सरकार बोली- केवल संपर्क नहीं, बनेगा स्थायी रिश्ता
Jul 13, 2026 | 03:30 PMईरान से सामने आई टारगेट लिस्ट! ट्रंप के साथ निशाने पर कौन-कौन?, VIDEO
Jul 13, 2026 | 03:30 PMबाल-बाल बची जान! शिंदे गुट के नेता का बर्थडे बैनर दुपहिया सवार पर गिरा, देखें खौफनाक VIDEO
Jul 13, 2026 | 03:23 PMApple के केस के बाद फिर भिड़े Elon Musk और Sam Altman, X पर छिड़ी जुबानी जंग
Jul 13, 2026 | 03:22 PMमहाराष्ट्र में अब मिलेंगे QR कोड वाले स्मार्ट राशन कार्ड, फर्जी कार्डों पर लगेगी पूरी तरह रोक
Jul 13, 2026 | 03:22 PMपंढरपुर वारी के लिए पूरे महाराष्ट्र से चलेंगी 5500 स्पेशल ST बसें, महिलाओं को 50% छूट और बुजुर्गों को फ्री सफर
Jul 13, 2026 | 03:20 PMवीडियो गैलरी

PM मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? विदेशी पत्रकार को भारतीय अधिकारियों ने दिया ये करारा जवाब- VIDEO
Jul 13, 2026 | 02:30 PM
‘यूपी में अब ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है’, रवि किशन के बयान ने मचाई हलचल-VIDEO
Jul 13, 2026 | 12:31 PM
NEET पेपर लीक पर इमरान प्रतापगढ़ी का बड़ा हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
Jul 13, 2026 | 10:31 AM
कंडक्टर ने मंत्री को नहीं पहचाना! छुट्टे पैसे न होने पर परिवहन मंत्री को बस से उतरने को कहा, देखें VIDEO
Jul 12, 2026 | 11:07 PM
आगरा में छापे से मचा हड़कंप! 13 मेडिकल फर्मों पर FSDA का शिकंजा, करोड़ों की नकली दवाइयां ज़ब्त, देखें VIDEO
Jul 12, 2026 | 10:16 PM
कागज नहीं…जिस्म पर मेहंदी से लिख गई दर्द की आखिरी दास्तां, छिंदवाड़ा की प्रीति का रुला देने वाला VIDEO वायरल
Jul 12, 2026 | 09:16 PM










