नागपुर में सोख्ता भवन के मॉल का खुला मार्ग, कंपनी ने मनपा को दिया प्रेजेंटेशन, जानें पूरी डिटेल

Municipal Corporation Mall in Sokhta Bhavan: पिछले 6 वर्षों से केवल चर्चा में रहे गांधीबाग स्थित सोख्ता भवन की जगह पर प्रस्तावित मॉल का काम जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
Municipal Corporation Mall in Sokhta Bhavan: पिछले 6 वर्षों से केवल चर्चा में रहे गांधीबाग स्थित सोख्ता भवन की जगह पर प्रस्तावित मॉल का काम जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
सोख्ता भवन (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: सोख्ता भवन की जगह पर प्रस्तावित मॉल के लिए चार बार निविदाएx (टेंडर) जारी की गईं, लेकिन केवल एक ही ठेकेदार कंपनी ने रुचि दिखाई और काम करने की इच्छा व्यक्त की। पिछले सप्ताह इस ठेकेदार कंपनी ने मनपा (महानगर पालिका) अधिकारियों के सामने अपना प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया। मनपा अधिकारियों ने बताया कि निविदा में कुछ नियम और शर्तों में सुधार किए जाने के बाद इसे मंजूरी दे दी जाएगी, जिसके बाद काम शुरू होने की संभावना है।

डीबीएफओएस मॉडल पर बनेगा व्यावसायिक परिसर महानगर पालिका के स्वामित्व वाली गांधीबाग की जमीन पर बनी जर्जर सोख्ता भवन इमारत की जगह पर डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड सेल (डीबीएफओएस) के आधार पर एक व्यावसायिक संकुल (मॉल) निर्माण परियोजना को नागपुर महानगर पालिका द्वारा मंजूरी दी गई है।

तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार

बार-बार निविदाएं आने के बावजूद केवल एक ही कंपनी के आगे आने के कारण नियमानुसार इसी कंपनी को प्रस्तुतीकरण देने के लिए कहा गया था। सूत्रों के अनुसार कंपनी ने पिछले सप्ताह प्रस्तुतीकरण दिया और मनपा आयुक्त ने भी इस पर संतोष व्यक्त किया। मनपा के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कंपनी काम शुरू कर देगी।

परियोजना का विवरण

  • 6,353 वर्ग मीटर में बनेगा प्रोजेक्ट
  • महानगरपालिका की गांधीबाग स्थित 6,353 वर्ग मीटर की जमीन पर यह व्यावसायिक संकुल (मॉल) बनेगा।
  • सोख्ता भवन को गिराकर यह निर्माण किया जाएगा।
  • महाराष्ट्र शासन प्रादेशिक नियोजन और नगर रचना अधिनियम के तहत इस जमीन को नागरिक सुविधा केंद्र और व्यापारिक संकुल के उपयोग के लिए मंजूरी मिली थी।
  • परियोजना के सलाहकार और वास्तुशिल्पकार (आर्किटेक्ट) मे। डिज़ाइन सेल ने नक्शा तैयार कर नगर रचना विभाग से मंजूरी ली है।
  • मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी की अध्यक्षता वाली पीपीपी/डीबीएफओएस परियोजना की छानबीन समिति ने परियोजना रिपोर्ट को मंज़ूरी दे दी है।

224 करोड़ की लागत प्रस्तावित

  • परियोजना का कुल निर्माण क्षेत्र 28,922.20 वर्ग मीटर होगा।
  • इसमें तीन बेसमेंट पार्किंग का प्रावधान है, जिसमें 283 कार, 566 स्कूटर और 566 साइकिल खड़ी करने की क्षमता होगी।
  • परियोजना में सातवीं मंजिल पर 600 व्यक्तियों की क्षमता वाला एक सामाजिक सभागार (कम्युनिटी हॉल) भी प्रस्तावित है।
  • परियोजना निर्माण की अवधि 3 साल निर्धारित की गई है।
  • परियोजना से मनपा को देय होने वाली न्यूनतम राशि 224 करोड़ है, जिसे डेवलपर को 4 वर्षों में पूर्वनियोजित वार्षिक प्रतिशत के अनुसार जमा करना होगा।

पहले वर्ष: 15% दूसरे वर्ष: 30% तीसरे वर्ष: 20% चौथे वर्ष: 25%

डेवलपर को परियोजना के बिक्री घटकों (सेलेबल कंपोनेंट्स) को बेचने के लिए 5 साल का समय दिया गया है।

नागरिकों ने किया था विरोध

गांधीबाग उद्यान के बगल में स्थित सोख्ता भवन की इमारत अच्छी स्थिति में होने का दावा करते हुए कुछ महीने पहले गांधीबाग उद्यान बचाव संघर्ष समिति ने आरोप लगाया था कि जानबूझकर इस इमारत को वर्षों से डंपिंग यार्ड बनाया गया। समिति और नागरिकों ने यह कहकर भी तीव्र विरोध किया था कि प्रस्तावित संकुल में गांधीबाग उद्यान की कुछ जमीन जाएगी। हालांकि मनपा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शुरुआती नक्शे में सुधार किया गया है और उद्यान की जमीन की आवश्यकता नहीं होगी।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • परियोजना की लागत: 224 करोड़
  • प्रस्तावित जगह का क्षेत्रफल: 6,353 वर्ग मीटर
  • कुल निर्माण क्षेत्रफल: 28,922.20 वर्ग मीटर
  • पार्किंग (तीन बेसमेंट): 283 कार, 566 स्कूटर, 566 साइकिल
  • सभागार क्षमता: 600 व्यक्ति
  • मंज़िलों की संख्या: 18
  • अन्य सुविधाएं: स्विमिंग पूल, गेमिंग ज़ोन, फूड कोर्ट
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