मराठवाड़ा की संजीवनी: संभाजीनगर का राज्य कैंसर संस्थान, 42 हजार मरीजों का सहारा बना कैंसर अस्पताल

Sambhajinagar Cancer Treatment: छत्रपति संभाजीनगर का सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं कैंसर अस्पताल हजारों गरीब मरीजों के लिए संजीवनी बन गया है। 2025 में ही 42 हजार से अधिक मरीजों ने यहां उपचार लिया।
Lifeline of Marathwada: The State Cancer Institute in Sambhaji Nagar, a cancer hospital that has become a source of support for 42,000 patients.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Government Healthcare: छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा, खानदेश सहित महाराष्ट्र तथा पड़ोसी राज्यों के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर रोगियों के लिए संजीवनी बन चुका छत्रपति संभाजीनगर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं कैसर अस्पताल आज राज्य का पहला व मराठवाड़ा का एकमात्र अस्पताल बनकर उभरा है।

कैंसर के विरुद्ध यह संस्थान अब पूरे क्षेत्र का एक सशक्त किला बन चुका है। वर्ष 2012 में आरंभ हुए इस अस्पताल को वर्ष 2016 में सरकार ने राज्य कैंसर संस्था का दर्जा प्रदान किया था। इसके बाद से यहां रोगी सेवाओं, उपचार सुविधाओं व शिक्षा गतिविधियों में लगातार गुणात्मक व संख्यात्मक वृद्धि होती रही है।

केवल वर्ष 2025 में ही 42 हजार से अधिक बाह्वा रोगियों ने यहां उपचार लिया है तथा लाखों की संख्या में जांचें की गई हैं। यह आंकड़े अस्पताल पर बढ़ते विश्वास को दशति हैं। महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत यहां कैंसर रोगियों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी, गायनेकोलॉजिकल, हेड एंड नेक, ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ निवारक कैंसर सेवाएं।

61,292, बड़ी व 11,177, छोटी सर्जरी हुई

उपलब्धियां वर्ष 2025 बाह्य रोगी (ओपीती) 42,937, आतरिक रोगी। आईपीडी) 7,785, बड़ी शल्य क्रियाएं 1, 136, छोटी शल्य क्रियाएं 1,913, डे-केयर रोगी 11,753 व प्रयोगशाला जांच 3,28,871 वर्ष 2012 से दिसबर 2025 बाह्य रोगी 4,32, 133, आआंतरिक रोगी 61,292, बड़ी शल्य क्रियाएं 11,177, छोटी शल्य क्रियाएं 10,948, डे-केयर रोगी 1.21,388 व प्रयोगशाला जांच 26,86, 473 क्षमता बैड संख्या 300, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यूनिट 2 आईसीयू बेड 10 व शल्य क्रिया कक्ष 8

शिक्षा क्षेत्र में भी बनी मजबूत पहचान

यह कैंसर अस्पताल शैक्षणिक क्षेत्र में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। रेडियोथेरेपी, सर्जिकल, मेडिकल, पीडियाट्रिक व गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी में डीएम एवं एमसीएच पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। भविष्य में प्रिवेटिव ऑन्कोलॉजी का नया कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इस बीच विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आज सुबह 11 बजे विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें कैंसर के प्रति जागरूकता, सफल कैंसर रोगियों के अनुभव साझा करना, तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ 'प्रश्न आपके, उत्तर हमारे' जैसे संवादात्मक उपक्रम शामिल रहेंगे।

एक ही छत के नीचे उपचार

पैलेटिव केयर व फिजियोथेरेपी जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। शुरुआत में 100 बेड की क्षमता वाला यह अस्पताल श्रेणीवर्धन के बाद अब 265 बिस्तरों तक विस्तारित किया गया है। डे केयर बेड सहित वर्तमान में कुल 300 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है।

दूसरी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यूनिट शुरू होने से उपचार की प्रतीक्षा सूची में उल्लेखनीय कमी आई है। अत्याधुनिक आईसीयू, सीटी स्कैन, सीटी सिम्युलेटर, डिजिटल मैमोग्राफी, कोचाल्ट ब्रेकीथेरेपी, रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

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