
रजिस्ट्री (सौजन्य-सोशल मीडिया)
No Registration Without Occupancy Certificate: शुक्रवार को शहर के रजिस्ट्री कार्यालयों में कई लोगों को वापस लौटना पड़ा। कई रजिस्ट्रियां नहीं की गईं। बिल्डरों ने बताया कि रजिस्ट्रार कार्यालय से आदेश आया है कि बिना आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) वाले प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री रोक दी जाए। केवल ओसी प्राप्त प्रोजेक्ट की ही रजिस्ट्री की जाए। यही कारण है कि लोगों को वापस लौटना पड़ा।
जानकारों ने बताया कि वैसे तो बिना ओसी रजिस्ट्री नहीं करने का आदेश काफी पहले से लागू है। रेरा की ओर से भी रजिस्ट्रार कार्यालय को कई वर्ष पूर्व रजिस्ट्री नहीं करने का आदेश दिया गया था लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।
जो भी डाक्यूमेंट आ रहे थे, उसकी रजिस्ट्री हो जा रही थी। इस कारण ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो रही थी। ग्राहक ठगे जा रहे थे। ग्राहकों के साथ हो रही ठगी को रोकने के उद्देश्य ने रेरा ने यह आदेश दिया था लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय ने इन आदेशों को हवा में उड़ा दिया था।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में चल रहे इस गोरखधंधे को देखते हुए ही राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में छापेमारी की थी और अनियमितताओं का खुलासा किया था। इतना ही नहीं आयकर विभाग ने विदर्भ के लगभग सभी सब- रजिस्ट्रार कार्यालयों की जांच की और लगभग 15,000 करोड़ के गैर व्यवहार का पर्दाफाश किया था।
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आयकर विभाग ने अपनी ओर से रिपोर्ट सरकार को सौंपी भी थी। इन सब बातों के बाद शुक्रवार को यह चर्चा में आया कि राजस्व मंत्री बावनकुले ने आदेश दिया है कि बिना ओसी वाले प्रोजेक्ट का पंजीयन बिल्कुल रोक दें। अगर इसके बाद पंजीयन किया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही शुक्रवार को कई लोगों को रजिस्ट्री कार्यालय से वापस भेजा गया है।
मंत्री के इस आदेश का बड़े और सही कार्य करने वाले बिल्डरों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि नियम तो काफी पहले से है लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा था। इन नियम को लागू करना काफी जरूरी है क्योंकि ग्राहकों के हित में है। इससे अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा। उनका कहना है कि इस पर राज्य सरकार को ग्राहक हित में गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।






