- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Nagpur Railway Station Prepaid Booth Sealing Stopped Political Pressure
…तो वैष्णव की रेलवे में ‘अवैध भी मान्य’ है! नेतागीरी ने सील होने से बचाया प्रीपेड आटो बूथ
- Written By: प्रिया जैस
Nagpur Railway: नागपुर रेलवे स्टेशन पर 'अवैध' घोषित प्रीपेड ऑटो बूथ को सील करने पहुंची टीम खाली हाथ लौट आई। रात के अंधेरे में एक 'नेताजी' की एंट्री ने रेलवे के नियम-कानूनों को बौना साबित कर दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी और अश्विनी वैष्णव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Prepaid Auto Booth Controversy: मध्य रेल, नागपुर मंडल की ओर से आदेश जारी किया गया कि स्टेशन के पश्चिमी परिसर में चलाया जा रहा प्रीपेड आटो रिक्शा बूथ अवैध है और 7 दिन के भीतर ही इसे हटा दिया जाये। आदेश के करीब 20 दिन बाद मंडल प्रबंधन ने शनिवार रात 12.00 बजे सील करने की तैयारी भी कर ली।
विरोध की स्थिति को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल को सूचित भी कर दिया गया। हालांकि इस पूरे ड्रामा का अंत मंडल प्रबंधन के नतमस्तक होने के साथ पूरा हुआ। जैसा कहा जा रहा था, वैसा ही साबित हुआ। पता चला कि अपर मंडल रेल प्रबंधक के सामने एक राजनीतिक हस्ती खड़ी हो गई और एक्शन पर रोक लग गई।
हो चुकी थी तैयारी, ताला भी था रेडी
उल्लेखनीय है कि मंडल प्रबंधन की ओर से 18 दिसंबर को प्रीपेड बूथ को अवैध घोषित करते हुए 7 दिन के भीतर सील कार्रवाई का आदेश जारी किया था। खास बात है कि इस आदेश से पहले भी समिति ने कई बार मंडल प्रबंधन को ठेंगा दिखाते हुए नोटिसों के जवाब नहीं दिये थे। अंत में अवैध घोषित होने पर कथित समिति ने 31 दिसंबर को जवाब दिया।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: क्या है न्यू नागपुर प्रोजेक्ट, फडणवीस कैबिनेट के फैसले से आपको क्या फायदा होगा?
महाराष्ट्र में अचानक मोबाइल पर क्यों बजा खतरनाक सायरन? जानिए ‘Extremely Severe Alert’ का पूरा सच
नितिन गडकरी के गढ़ में ही दावों की खुली पोल; 2 महीने का दावा, 5 महीने बाद भी अधूरा अजनी स्टेशन प्रोजेक्ट
नागपुर: 11वीं में सीटें 1 लाख के पार, पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 22 हजार; सीटें खाली रहने का डर
इसके बाद भी मंडल प्रबंधन ने टीन के घेराव और ताला-चाबी के साथ सील करने की पूरी तैयारी कर ली। फिर अचानक एक नेता की पैराशूट इंट्री हुई और मंडल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। टीन, ताला-चाबी, नियम-कानून, वैध-अवैध सब धरे के धरे रहे गये।
अपने ही आदेश में फंसा रेलवे
- इस पूरे ड्रामे के बाद एक बार फिर साबित हो गया कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में भी रेलवे राजनीतिक प्रभाव से अछुती नहीं है।
- भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दुहाई देने वाले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व वाली भारतीय रेलवे, नागपुर मंडल के उक्त आदेश के बाद अपने ही कटघरे में खड़े हो गई।
- यदि प्रीपेड बूथ वैध है तो फिर अवैध होने का आदेश क्यों जारी किया गया? और यदि अवैध है तो फिर सील करने की कार्रवाई किसके डर से रोक दी गई?
- कथित नागरिक विकास समिति, नागपुर द्वारा 31 दिसंबर को दिया गया लिखित उत्तर सही है तो फिर 3 दिन बाद प्रीपेड बूथ सील करने का आदेश क्यों दिया गया?
- ये तय है कि अपने ही आदेश में फंसा मंडल प्रबंधन इन सवालों पर हर बार तरह चुप्पी साध लेगा।
यह भी पढ़ें – 1 करोड़ लो, सीट छोड़ो…धुले में करोड़ों का खेल! शिंदे सेना के प्रत्याशी को BJP का ऑफर, VIDEO वायरल
…तो वैष्णव की रेलवे में ‘अवैध भी मान्य’ है!
इस पूरे ड्रामे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व वाली भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिह्न लगा दिया है। पहले सीलिंग का आदेश और फिर नेतागीरी के दबाव में कार्रवाई पर रोक से पूरे देश में संदेश गया है कि रेलवे में ‘अवैध भी मान्य’ है। इससे पहले भी प्रीपेड आटो रिक्शा के ठिकानों पर गांजे का सेवन जैसी घटनायें सामने आती रही है।
अखबारों में तस्वीरें भी सामने आई, लेकिन मजाल है कि इस अवैध काम को भी डंके की चोट पर होने दिया जाता रहा है। और अब मंडल प्रबंधन का अपने ही अवैध वाले आदेश पर सील की कार्रवाई से पैर पीछे लेना, यह बताने का काफी है कि रेलवे में नियम-कानून, वैध-अवैध से ज्यादा नेतागीरी चलती है।
Nagpur railway station prepaid booth sealing stopped political pressure
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
सागर में कांग्रेस का महंगाई के खिलाफ मार्च, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता; सरकार के खिलाफ लगाए नारे
May 26, 2026 | 08:17 PM‘मेलोडी खाओ, महंगाई भूल जाओ…’, भोपाल में ‘AAP’ का मेलोडी प्रोटेस्ट; पेट्रोल पंपों पर बांटी टॉफी
May 26, 2026 | 08:05 PMसंन्यास लेते ही बदला विजय शंकर का इरादा, भारत छोड़ अब इस विदेशी लीग में अपना जलवा दिखाएगा यह धाकड़ खिलाड़ी
May 26, 2026 | 08:05 PMमहाविकास आघाड़ी को एक और झटका, शिंदे सेना में ‘इस’ बड़ी पार्टी का होगा विलय!
May 26, 2026 | 07:59 PMNeem Karoli Baba: जब टूटने लगे सारी उम्मीदें, तो निराश न हों, नीम करोली बाबा की ये बातें बदल देंगी ज़िंदगी
May 26, 2026 | 07:53 PMPM मोदी के माना करने के बाद भी इतना सोना क्यों खरीदने लगे भारतीय? VIDEO
May 26, 2026 | 07:53 PMसिद्धारमैया CM पद से देंगे इस्तीफा! करीबी नेताओं के साथ कर रहे बड़ी बैठक, DK शिवकुमार बनेंगे मुख्यमंत्री?
May 26, 2026 | 07:45 PMवीडियो गैलरी

ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालु और मंदिर कर्मियों के बीच चले लाठी-डंडे, वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा एक्शन
May 26, 2026 | 01:27 PM
अल्का लांबा बढ़ी मुश्किलें; 22 महीने पुराने केस में कोर्ट ने माना दोषी, 5 जून को होगी सजा, क्या था मामला?
May 26, 2026 | 01:10 PM
फिर बढ़े डीजल-पेट्रोल, क्या रोजमर्रा की चीजें भी होंगी महंगी? VIDEO
May 25, 2026 | 06:19 PM
सामूहिक विवाह के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 परिवारों से लाखों की ठगी, न आई दुल्हन, न मिले आयोजक
May 25, 2026 | 02:40 PM
पेट्रोल-डीजल के और बढ़ेंगे दाम! RJD नेता ने दिए बड़ी मुसीबत के संकेत, देखें VIDEO
May 25, 2026 | 02:16 PM
बांद्रा बुलडोजर एक्शन पर भड़के AIMIM नेता, बोले घुसपैठियों के बहाने जनता पर किया जुल्म, VIDEO वायरल
May 25, 2026 | 12:56 PM














