
Election Vehicle Arrangemen:नागपुर मनपा चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Election: नागपुर मनपा चुनाव को लेकर एक ओर जहां राजनीतिक दलों सहित सभी प्रत्याशी प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं प्रशासन भी शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां चुनावी प्रशिक्षण अंतिम दौर में पहुंच चुका है, वहीं चुनावी प्रक्रिया के लिए आवश्यक संसाधनों को जुटाने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों के परिवहन की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मनपा ने कुल 448 वाहनों का बेड़ा तैयार कर लिया है। मनपा के पास पहले से ही 80 वाहन उपलब्ध हैं, जबकि अतिरिक्त आवश्यकता को देखते हुए 280 वाहन किराए पर लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, विशेष रूप से चुनाव के अंतिम कुछ दिनों में इन वाहनों की सबसे अधिक आवश्यकता होगी।
बताया जाता है कि रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) चुनाव की पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। उनकी सहायता के लिए अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं। इस प्रकार कुल लगभग 240 अधिकारी चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय हैं।
इनमें से कुछ अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि शेष के लिए वाहन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। इसी उद्देश्य से मनपा प्रशासन ने 280 वाहन किराए पर लेने का निर्णय लिया है, जिसे बुधवार को मंजूरी दे दी गई। सूत्रों के अनुसार, शहर में ऐसे व्यवसायी मौजूद हैं जो आवश्यकता पड़ने पर एक ही दिन में बड़ी संख्या में वाहन उपलब्ध करा सकते हैं। प्रशासनिक अनुमति मिलते ही वाहन तत्काल उपलब्ध हो जाएंगे।
प्रशासन के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया कुछ दिनों पहले ही शुरू हो चुकी है, जिसमें कई अधिकारी और कर्मचारी लगे हुए हैं। अन्य जिलों से आए अधिकारियों के लिए भी मनपा ने विभिन्न सरकारी विभागों को उनके अधिकार क्षेत्र के वाहन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजे थे। इसके तहत अब तक अलग-अलग विभागों से कुल 88 वाहन मनपा को प्राप्त हो चुके हैं।
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हालांकि यह संख्या पर्याप्त नहीं होने के कारण अंततः वाहन किराए पर लेने का निर्णय लिया गया। प्रशासन का कहना है कि आमतौर पर चुनाव से पहले ही वाहन किराए पर ले लिए जाते हैं, लेकिन इस बार थोड़ी देरी हुई, जिससे वाहनों पर होने वाला खर्च कम होगा।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वाहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रत्येक जोन में एक वाहन आरक्षित रखा जाएगा, जिसका उपयोग आपात स्थिति में किया जाएगा। इसके अलावा गांधीबाग और सतरंजीपुरा जोन के कुछ इलाकों में बड़े वाहन नहीं जा सकते, ऐसे क्षेत्रों में तैनात पोलिंग पार्टियों के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है।






