-
गुरु, 2 जुलाई 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- India »
- When And How Is A National Emergency Imposed What Is The Time Limit Know Everything
कब और कैसे लगता है राष्ट्रीय आपातकाल, कितनी होती है समय सीमा; जानें सबकुछ
- Written By: मनोज आर्या
25 जून, 1975 को इंदिरा गांधी की तत्कालीन सरकार ने भारत में आपातकाल की घोषणा की थी। आज इमरजेंसी की 50वीं बरसी है। इस मौके पर जानते हैं कि देश में राष्ट्रीय आपातकाल कब और कैसे लगाया जाता है।

(कॉन्सेप्ट फोटो- नवभारत लाइव)
भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां नागरिकों को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसा समय आता है जब देश की अखंडता, सुरक्षा या शासन व्यवस्था को खतरा हो जाता है। ऐसे समय में संविधान की विशेष व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय आपातकाल लगाया जा सकता है। यह एक असाधारण स्थिति होती है, जिसका उद्देश्य देश को अस्थिरता से बचाना होता है, लेकिन इसका प्रभाव आम नागरिकों के जीवन पर भी गहरा पड़ता है।राष्ट्रीय आपातकाल क्या है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 352 केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह देश की सुरक्षा को खतरे में मानते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकती है। जब युद्ध हो, बाहरी आक्रमण हो या सशस्त्र विद्रोह जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तब देश के भीतर इमरजेंसी को लागू किया जा सकता है।
कब और कैसे लगता है राष्ट्रीय आपातकाल?
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हैं। इसके लिए यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति को यह विश्वास हो जाए कि देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। आपातकाल लागू करने की प्रक्रिया में पहले मंत्रिपरिषद की लिखित सिफारिश होती है, फिर राष्ट्रपति उसे मंजूरी देते हैं। इसके बाद संसद की मंजूरी जरूरी होती है। एक बार घोषित किए जाने के बाद यह आपातकाल एक महीने तक प्रभावी रहता है, जिसे संसद की मंजूरी मिलने पर हर छह महीने में एक बार बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इसे अधिकतम तीन सालों तक ही लागू रखा जा सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
‘ये फर्जी हिंदू’, राम मंदिर विवाद में BJP पर कपिल सिब्बल का हमला, बोले- राम के नाम पर वोट, फिर राम को ही लूटा
अयोध्या में नया मंदिर विवाद, फर्जी दस्तावेजों से कब्जे की हुई साजिश; चंपत राय पर लगे गंभीर आरोप
अमित शाह के घर पर BJP की हाईलेवल मीटिंग, नितिन नवीन समेत पार्टी के कई बड़े नेता शामिल
पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता! पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने दिया बड़ा संकेत, आंकड़ों से समझाया पूरा गणित
भारत में अब तक कितनी बार लग चुका राष्ट्रीय आपातकाल?
भारत में अब तक तीन बार राष्ट्रीय आपातकाल लगाया गया है-
- 1962- भारत-चीन युद्ध के दौरान।
- 1971- पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय।
- 1975- आंतरिक अशांति के आधार पर, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे विवादित आपातकाल माना जाता है।
राष्ट्रीय आपातकाल का आम जनता पर प्रभाव
आपातकाल के दौरान केंद्र सरकार को राज्यों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त हो जाता है। नागरिकों के कुछ मौलिक अधिकारों, विशेषकर अनुच्छेद 19 (स्वतंत्रता का अधिकार), को स्थगित किया जा सकता है। प्रेस की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार भी सीमित हो जाते हैं। इसीलिए आपातकाल को एक संवेदनशील परिस्थिति के रूप में देखा जाता है।
आपातकाल एक संवैधानिक उपाय
आपातकाल भले ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने का एक संवैधानिक उपाय हो, लेकिन इसका उपयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक और केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए। 1975 का आपातकाल इस बात की चेतावनी है कि जब इसे अनुचित रूप से लागू किया जाए, तो यह लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचा सकता है। इसलिए जरूरी है कि शासन शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी से किया जाए और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि रखी जाए। लोकतंत्र की असली सुंदरता केवल चुनावों में नहीं, बल्कि उस संवेदनशीलता में है जिससे हर नागरिक की स्वतंत्रता और गरिमा को सम्मान दिया जाए।
आपातकाल की साजिश! इंदिरा के साथ कौन थे वो 8 लोग, रात 12 बजे से पहले क्या हुआ था?
देश को संकट से उबारने के लिए आपातकाल की घोषणा
राष्ट्रीय आपातकाल एक संवैधानिक उपाय है, जो देश को संकट से उबारने के लिए बनाया गया है। लेकिन इसका उपयोग सोच-समझकर और जनता के हित में ही किया जाना चाहिए। लोकतंत्र की नींव लोगों के अधिकारों और भागीदारी पर टिकी होती है। आपातकाल भी तभी न्यायसंगत कहा जा सकता है जब वह नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी हो, न कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए।
When and how is a national emergency imposed what is the time limit know everything
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि से मिली राहत, 100 वर्षीय महिला की समय पर हुई सर्जरी
Jul 02, 2026 | 11:25 PMपेपर लीक से राम मंदिर विवाद तक… MP कांग्रेस का बड़ा ऐलान, आज से पूरे प्रदेश में ‘गूंज आंदोलन’
Jul 02, 2026 | 11:17 PMAlliance Twist: वंशज सिंह पर भड़के कुशल टंडन, गुस्से में दी धमकी, कुणाल खेमू ने बीच में आकर दी सख्त चेतावनी
Jul 02, 2026 | 11:13 PMपीएम को नहीं, पाक आर्मी चीफ को भेजें पत्र; भारत-पाकिस्तान के प्रबुद्ध जीवों के खुले खत पर भड़के कृष्णा हेगड़े
Jul 02, 2026 | 11:09 PMAlpha Q Song: हुमा कुरैशी की फिल्म ने आलिया भट्ट की ऐल्फा पर साधा निशाना, रिलीज से पहले नए गाने ने बढ़ाई चर्चा
Jul 02, 2026 | 10:57 PMOdisha SSB Recruitment 2026: जूनियर असिस्टेंट/क्लर्क के 14 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट्स 18 अगस्त तक करें आवेदन
Jul 02, 2026 | 10:51 PMभाजपा के MLA किसन कथोरे ने कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद को महानगर पालिका का दर्जा देनी की विधानसभा में मांग की
Jul 02, 2026 | 10:40 PMवीडियो गैलरी

एक और बड़ा मंदिर घोटाला, मां तुलजा भवानी की 4,121 एकड़ जमीन सरकारी कागजों से गायब; VIDEO वायरल
Jul 02, 2026 | 09:48 PM
Exclusive: हां.. मीनाक्षी नटराजन के केस के बारे में हमें सोर्स ने बताया था, हेमंत खंडेलवाल ने खोले कई राज
Jul 02, 2026 | 05:14 PM
पुणे मर्डर केस में नया मोड़! केतन का मजाक उड़ाने वाली फीमेल डॉक्टर 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट
Jul 01, 2026 | 11:00 PM
वाराणसी दालमंडी कॉरिडोर का रास्ता साफ, भारी फोर्स के बीच 5 मस्जिदों पर कार्रवाई शुरू; देखें VIDEO
Jul 01, 2026 | 10:45 PM
Atiq Ahmed: अतीक की जमीन पर बनेगा गरीबों का आशियाना, PDA लाने जा रहा प्लान; देखें VIDEO
Jul 01, 2026 | 10:34 PM
‘मरने के बाद कोई…’, सना खान के ‘कयामत’ वाले VIDEO ने इंटरनेट पर मचाया बवाल; सोशल मीडिया पर खूब हो रहा वायरल
Jul 01, 2026 | 08:43 PM














