- Hindi News »
- India »
- When And How Is A National Emergency Imposed What Is The Time Limit Know Everything
कब और कैसे लगता है राष्ट्रीय आपातकाल, कितनी होती है समय सीमा; जानें सबकुछ
25 जून, 1975 को इंदिरा गांधी की तत्कालीन सरकार ने भारत में आपातकाल की घोषणा की थी। आज इमरजेंसी की 50वीं बरसी है। इस मौके पर जानते हैं कि देश में राष्ट्रीय आपातकाल कब और कैसे लगाया जाता है।
- Written By: मनोज आर्या

(कॉन्सेप्ट फोटो- नवभारत लाइव)
भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां नागरिकों को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसा समय आता है जब देश की अखंडता, सुरक्षा या शासन व्यवस्था को खतरा हो जाता है। ऐसे समय में संविधान की विशेष व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय आपातकाल लगाया जा सकता है। यह एक असाधारण स्थिति होती है, जिसका उद्देश्य देश को अस्थिरता से बचाना होता है, लेकिन इसका प्रभाव आम नागरिकों के जीवन पर भी गहरा पड़ता है।राष्ट्रीय आपातकाल क्या है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 352 केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह देश की सुरक्षा को खतरे में मानते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकती है। जब युद्ध हो, बाहरी आक्रमण हो या सशस्त्र विद्रोह जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तब देश के भीतर इमरजेंसी को लागू किया जा सकता है।
कब और कैसे लगता है राष्ट्रीय आपातकाल?
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हैं। इसके लिए यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति को यह विश्वास हो जाए कि देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। आपातकाल लागू करने की प्रक्रिया में पहले मंत्रिपरिषद की लिखित सिफारिश होती है, फिर राष्ट्रपति उसे मंजूरी देते हैं। इसके बाद संसद की मंजूरी जरूरी होती है। एक बार घोषित किए जाने के बाद यह आपातकाल एक महीने तक प्रभावी रहता है, जिसे संसद की मंजूरी मिलने पर हर छह महीने में एक बार बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इसे अधिकतम तीन सालों तक ही लागू रखा जा सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
Indore Car Driver Crush Colony Child: इंदौर में मासूम के ऊपर से गुजरी कार, दिल दहला देने वाला VIDEO आया सामने
Pakistan में तेल संकट ने मचाई तबाही, पेट्रोल 458 के पार तो 520 हुआ डीजल, एक महीने में दूसरी बार बड़ी बढ़ोतरी
Donald Trump ने ईरान के सबसे बड़े पुल को उड़ाकर जारी की धमकी, बोले- समझौता करो वरना और बिगड़ सकते हैं हालात
US फौज में ऑल इज नॉट वेल…जंग के बीच रक्षा मंत्री सेना प्रमुख को ‘जबरदस्ती’ करवा रहे हैं रिटायर, मचा बवाल
भारत में अब तक कितनी बार लग चुका राष्ट्रीय आपातकाल?
भारत में अब तक तीन बार राष्ट्रीय आपातकाल लगाया गया है-
- 1962- भारत-चीन युद्ध के दौरान।
- 1971- पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय।
- 1975- आंतरिक अशांति के आधार पर, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे विवादित आपातकाल माना जाता है।
राष्ट्रीय आपातकाल का आम जनता पर प्रभाव
आपातकाल के दौरान केंद्र सरकार को राज्यों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त हो जाता है। नागरिकों के कुछ मौलिक अधिकारों, विशेषकर अनुच्छेद 19 (स्वतंत्रता का अधिकार), को स्थगित किया जा सकता है। प्रेस की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार भी सीमित हो जाते हैं। इसीलिए आपातकाल को एक संवेदनशील परिस्थिति के रूप में देखा जाता है।
आपातकाल एक संवैधानिक उपाय
आपातकाल भले ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने का एक संवैधानिक उपाय हो, लेकिन इसका उपयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक और केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए। 1975 का आपातकाल इस बात की चेतावनी है कि जब इसे अनुचित रूप से लागू किया जाए, तो यह लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचा सकता है। इसलिए जरूरी है कि शासन शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी से किया जाए और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि रखी जाए। लोकतंत्र की असली सुंदरता केवल चुनावों में नहीं, बल्कि उस संवेदनशीलता में है जिससे हर नागरिक की स्वतंत्रता और गरिमा को सम्मान दिया जाए।
आपातकाल की साजिश! इंदिरा के साथ कौन थे वो 8 लोग, रात 12 बजे से पहले क्या हुआ था?
देश को संकट से उबारने के लिए आपातकाल की घोषणा
राष्ट्रीय आपातकाल एक संवैधानिक उपाय है, जो देश को संकट से उबारने के लिए बनाया गया है। लेकिन इसका उपयोग सोच-समझकर और जनता के हित में ही किया जाना चाहिए। लोकतंत्र की नींव लोगों के अधिकारों और भागीदारी पर टिकी होती है। आपातकाल भी तभी न्यायसंगत कहा जा सकता है जब वह नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी हो, न कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए।
When and how is a national emergency imposed what is the time limit know everything
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
‘ऑटो तुन से नहीं, दिल से बनता है असली संगीत’, हरिहरन ने बदलते म्यूजिक ट्रेंड पर रखी बेबाक राय
Apr 03, 2026 | 09:47 AMPasta Recipe: घर पर तैयार करें रेस्टोरेंट जैसा क्रीमी व्हाइट सॉस पास्ता, तुरंत नोट करें ये सीक्रेट रेसिपी
Apr 03, 2026 | 09:46 AMGold-Silver Price: गुड फ्राइडे पर सोना-चांदी हुआ सस्ता, 3500 टूटा गोल्ड, सिल्वर 9000 रूपये फिसला
Apr 03, 2026 | 09:41 AMMaharashtra Voter List Revision पर कांग्रेस की आपत्ति, सपकाल ने निष्पक्षता की मांग उठाई
Apr 03, 2026 | 09:40 AMRamtek के प्राचीन ‘तिलभांडेश्वर मंदिर’ पर गिरी बिजली, शिखर से जमीन तक फटी दीवारें, तस्वीर देख रह जाएंगे दंग
Apr 03, 2026 | 09:27 AMAbhishek Sharma पर BCCI ने लगाया जुर्माना साथ ही दी एक और सजा, KKR के खिलाफ ऐसा क्या किया कि भड़क गए रेफरी?
Apr 03, 2026 | 09:19 AMशिवसेना UBT में फूट: उद्धव ठाकरे की वापसी कांग्रेस पर निर्भर, BJP प्रवक्ता नवनाथ बन का बड़ा हमला
Apr 03, 2026 | 09:13 AMवीडियो गैलरी

बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में ओवैसी ने PM मोदी और ममता बनर्जी पर साधा निशाना; कही यह बड़ी बात
Apr 02, 2026 | 11:06 PM
Viral Video Fact Check: PM मोदी की रैली में गैस संकट पर सवाल या फैलाया गया भ्रम?
Apr 02, 2026 | 10:54 PM
कानपुर किडनी कांड: फर्जी डॉक्टर, सीक्रेट ऑपरेशन और गायब रिकॉर्ड…8वीं पास ‘डॉक्टर’ चला रहा था करोड़ों का रैकेट
Apr 02, 2026 | 10:27 PM
रामपुर के कप्तान की विदाई में छलके आंसू, महिला सिपाहियों को रोता देख भावुक हुए SP साहब; VIDEO वायरल
Apr 02, 2026 | 09:52 PM
‘बचाओ साहब, हमें जबरदस्ती ले जा रहे हैं’, लखनऊ में कर्मियों का हंगामा, पुलिस की बदसलूकी पर उठे सवाल- VIDEO
Apr 02, 2026 | 09:34 PM
वर्दी पहनते ही पिता की याद में छलके आंसू, परेड में जवान ने स्वर्गीय पिता की तस्वीर को किया सलाम; VIDEO वायरल
Apr 02, 2026 | 09:28 PM














