
एक्स-रे फिल्म, सीटी स्कैन की डीवीडी भी नहीं (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Medical CT Scan Issue: एक ओर मेडिकल में करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरानी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन का शुल्क जमा करने के बाद भी मरीजों को ‘फिल्म’ या रिपोर्ट की ‘डीवीडी’ उपलब्ध नहीं कराई जाती। डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखाने के लिए मरीजों को बाहर से डीवीडी खरीदनी पड़ रही है। इससे मरीजों को भटकना पड़ रहा है और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
मेडिकल में 2010 में ऑनलाइन HIMS सिस्टम शुरू किया गया था, जिसकी मदद से डॉक्टर कंप्यूटर पर एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई की रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकते थे। लेकिन यह सेवा 2022 में बंद कर दी गई। इसके चलते पिछले 3 वर्षों से मरीजों और उनके परिजनों को ओपीडी, रेडियोलॉजी, वार्ड और अभिलेखागार कार्यालयों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक्स-रे विभाग में, चाहे सीटी स्कैन हो या एक्स-रे भुगतान करने के बाद भी मरीजों को रिपोर्ट के लिए न तो फिल्म मिलती है और न ही डीवीडी। मजबूरन उन्हें बाजार से डीवीडी खरीदकर लानी पड़ती है।
हाल ही में सुनंदा यादव नामक मरीज ने सीटी स्कैन के लिए 750 रुपये का भुगतान किया। नियमानुसार विभाग को मरीज को सीटी स्कैन की डीवीडी देकर रिपोर्ट उपलब्ध करानी थी, लेकिन बाहर से डीवीडी खरीदकर लाने को कहा गया। परिजनों ने डीवीडी लाकर दी, फिर भी रिपोर्ट 18 दिन बाद उपलब्ध कराई गई।
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मरीजों के परिजन सभी परीक्षणों का शुल्क भरते हैं। बीपीएल, एमएलसी और स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी के मरीजों को डीवीडी मुफ्त दी जाती है, जबकि अन्य मरीजों को डीवीडी बाहर से खरीदनी पड़ती है। रिपोर्ट में देरी से इलाज भी देर से हो रहा है, जिससे मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इस पूरे मामले में प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।






