- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Maharashtra Freedom Of Religion Act 2026 Anti Conversion Law Devendra Fadnavis
धर्म बदला तो जेल! फडणवीस सरकार ने ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ को दी हरी झंडी, जानें नए कानून की 5 शर्तें
Maharashtra Anti-Conversion Law 2026: महाराष्ट्र में 'धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026' मंजूर। जबरन धर्मांतरण पर 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माना। डॉ. पंकज भोयर ने सदन में रखा प्रस्ताव।
- Written By: प्रिया जैस

डॉ. पंकज भोयर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Minister Dr. Pankaj Bhoyar: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ती कथित अवैध धर्मांतरण की घटनाओं को देखते हुए ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह कानून जबरन, प्रलोभन देकर या धोखाधड़ी के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद इस विधेयक को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रस्ताव को राज्य के गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने सभागृह में रखा था। सरकार के अनुसार, संविधान द्वारा प्रदत्त धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है और इसमें किसी व्यक्ति को जबरन धर्म बदलने का अधिकार शामिल नहीं है। हाल के वर्षों में राज्य में कमजोर वर्गों पर दबाव, लालच या विवाह के माध्यम से धर्मांतरण के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिससे सामाजिक सद्भाव पर असर पड़ रहा है।
जबरन धर्मांतरण के लिए बना कानून
महाराष्ट्र में प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता कानून और विधेयक का पूरे राज्य को इंतजार था, उसे बनाने का साहस मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में दूरदर्शिता वाली सरकार ने दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून विशेष रूप से जबरन धर्मांतरण की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
मालदीव बोट हादसे में घायल गौतम सिंघानिया सुरक्षित, 5 लोग लापता, रैली ड्राइवर हरि सिंह भी शामिल
वेटिंग लिस्ट की टेंशन खत्म! नागपुर से पुणे और मुंबई के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; जानें कब से शुरू होगी बुकिंग
नासिक में स्वरोजगार की लहर, सरकारी योजनाओं से नासिक में बढ़ा स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों का रुझान
नासिक: सिन्नर की लाइफलाइन सिटी लिंक बस सेवा फिर शुरू करने की तैयारी, छात्रों और यात्रियों को राहत
- डा. पंकज भोयर, गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री
…तो रद्द होगी संबंधित संस्थाओं की मान्यता
इसके अलावा, ऐसे मामलों में शामिल संस्थाओं की मान्यता रद्द की जा सकती है। सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे तथा उनकी सुनवाई सत्र न्यायालय में की जाएगी। कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि अवैध धर्मांतरण से प्रभावित व्यक्त्ति को भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और पुनर्वास सहायता का अधिकार मिलेगा, राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून सामाजिक संतुलन बनाए रखने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए लाया गया है। सरकार किसी भी नागरिक के अधिकार छीनने का काम नहीं कर रही है।
यह भी पढ़ें – PM मोदी का इस्तीफा तय? एपस्टीन मामले पर कांग्रेस और VBA ने मिलाया हाथ, कल RSS हेडक्वार्टर का करेंगे घेराव
कानून की विशेषताएं
- इस अधिनियम के तहत जबरन, धोखे से या प्रलोभन देकर धर्मांतरण करना, करवाना या उसमें सहयोग करना दंडनीय अपराध होगा। ऐसे धर्मांतरण को शून्य और अमान्य माना जाएगा। यदि धर्मांतरण के उद्देश्य से विवाह किया गया है, तो उसे भी न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा सकेगा।
- पीड़ित महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति या जनजाति से संबंधित है, तो सजा और जुर्माना बढ़ाकर 7 वर्ष और 5 लाख रुपये तक किया गया है।
- धर्मांतरण करने या उसका आयोजन करने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था को 60 दिन पूर्व सक्षम प्राधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा।
- धर्मांतरण के बाद 21 दिनों के भीतर घोषणा पत्र जमा करना भी आवश्यक होगा, अन्यथा प्रक्रिया अमान्य मानी जाएगी।
- कानून के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 वर्ष की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि सामूहिक धर्मांतरण और पुनरावृत्ति के मामलों में सजा 10 वर्ष तक हो सकती है।
Maharashtra freedom of religion act 2026 anti conversion law devendra fadnavis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
मालदीव बोट हादसे में घायल गौतम सिंघानिया सुरक्षित, 5 लोग लापता, रैली ड्राइवर हरि सिंह भी शामिल
Mar 22, 2026 | 09:13 AMRohit Sharma vs Virat Kohli: रोहित-विराट में से कौन है IPL का असली बाजीगर? देखें चौंकाने वाले आंकड़े
Mar 22, 2026 | 09:11 AMवेटिंग लिस्ट की टेंशन खत्म! नागपुर से पुणे और मुंबई के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; जानें कब से शुरू होगी बुकिंग
Mar 22, 2026 | 09:09 AMKitchen Hacks: दालों को कीड़ों से बचाना है तो आजमाएं ये 3 आसान ट्रिक्स, साल भर रहेंगे बेफिक्र!
Mar 22, 2026 | 09:07 AMसाउथ में छाई पवन कल्याण की ‘उस्ताद भगत सिंह’, तीसरे दिन की शानदार कमाई, ‘धुरंधर 2’ को दी टक्कर
Mar 22, 2026 | 08:58 AMNavratri Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा में पहनें ये कपड़े, जानें आज का शुभ रंग
Mar 22, 2026 | 08:47 AMनासिक में स्वरोजगार की लहर, सरकारी योजनाओं से नासिक में बढ़ा स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों का रुझान
Mar 22, 2026 | 08:42 AMवीडियो गैलरी

ट्रांसफर के नाम पर मांगी ₹3.5 लाख की घूस! गिरफ्तारी के वक्त जोर-जोर से रोने लगा आरोपी अधिकारी, देखें वीडियो
Mar 20, 2026 | 09:51 PM
बरेली में खनन माफिया का तांडव! सरकारी टीम पर पथराव और ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश; वीडियो वायरल
Mar 20, 2026 | 09:47 PM
राजगढ़ में हाईवे पर ‘यमराज’ बनकर दौड़ा ओवरलोड ट्रक! पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा; देखें खौफनाक VIDEO
Mar 20, 2026 | 09:41 PM
शिक्षा का मंदिर या रील का अड्डा? रीवा के सरकारी कॉलेज में छात्राओं के डांस वीडियो वायरल; उठ रहे कई सवाल
Mar 20, 2026 | 09:37 PM
‘आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया’; राम मंदिर में राम यंत्र स्थापना के मौके पर विपक्ष पर भड़के CM योगी
Mar 20, 2026 | 01:46 PM
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, लगाया ‘एंटी इंडिया नैरेटिव’ फैलाने का आरोप
Mar 19, 2026 | 10:21 PM











