-
रवि, 9 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Special Coverage »
- Decline Of Communist Politics India Kerala Bengal Tripura Analysis
नवभारत संपादकीय: भारत में कम्युनिस्ट राजनीति का पतन, वामपंथी शासन का अंतिम किला ढहा
- Written By: अंकिता पटेल
Left Politics Decline: केरल चुनाव परिणाम के साथ भारत में कम्युनिस्ट राजनीति के कमजोर पड़ने की चर्चा तेज हुई। बंगाल और त्रिपुरा में भी वामपंथी शासन पहले ही समाप्त हो चुका है।

केरल में पिनराई विजयन(सोर्स: सोशल मीडिया)
Communist Rule end India: केरल विधानसभा के चुनाव नतीजे के साथ ही देश में कम्युनिस्ट शासन का अंतिम किला बहकर खंडहर में बदल गया। 50 वर्षों बाद आज कम्युनिस्ट किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं हैं। 2011 में बंगाल में 34 वर्षों से चली आ रही लेफ्ट पार्टियों की हुकूमत खत्म हो गई थी। ज्योति बसु के बाद सीएम बने बुद्धदेव भट्टाचार्य भी वामपंथी विरासत को बचा नहीं पाए, बंगाल में लेफ्ट को चकनाचूर करने का श्रेय ममता बनर्जी को था, जिनका नेतृत्व सिंगूर आंदोलन से चमका था।
2018 में त्रिपुरा की वामपंथी सरकार की जड़ें बीजेपी ने खोद डाली। एक समय वह भी था, जब कम्युनिस्टों का देश की राजनीति व ट्रेड यूनियन आंदोलन में काफी दबदबा था। जब रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव निकिता कुश्चेव और प्रधानमंत्री बुल्गानिन भारत आए थे, तो कोलकाता में उन्हें देखने आई लाखों लोगों की भीड़ देखकर चकित हो गए थे।
उन्हें विश्वास हो गया था कि भारत में कम्युनिज्म बहुत मजबूत है। यद्यपि प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने केरल की नंबूदरीपाद के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट सरकार को 1959 में बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगवाया था, लेकिन जब इंदिरा गांधी सत्ता में आई, तो उन्हें कम्युनिस्ट नेता श्रीपाद अमृत डांगे का समर्थन मिला था। इंदिरा मंत्रिमंडल में भी मोहनकुमार मंगलम व डी।पी। धर जैसे कम्युनिस्ट विचारधारा वाले नेता शामिल किए गए थे।
सम्बंधित ख़बरें
9 अगस्त का इतिहास: जब भारत के साथ खड़ा हुआ सोवियत संघ, 1971 को हुई ऐतिहासिक संधि
पंजाब चुनाव से पहले राघव चड्ढा को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? PM मोदी से मुलाकात ने बढ़ाया सियासी पारा
रवि राणा के टिकट काटने वाले बयान से भाजपा में बढ़ी नाराजगी, राजेश वानखड़े बोले- दखलअंदाजी बंद करें
गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा- PDA में P का मतलब पिछड़ा या पंडित? अखिलेश यादव पर बीजेपी-बसपा का बड़ा हमला
चीन के हमले के बाद कम्युनिस्टों में फूट पड़ गई थी। चीन समर्थक माकपा तथा दूसरा गुट भाकपा कहलाया। माकपा में ज्योति बसु, हरकिशन सिंह सुरजीत, सीताराम येचुरी, सोमनाथ चटर्जी, प्रकाश खरात जैसे नेता थे, तो भाकपा में ए. बी. बर्धन, इंद्रजीत गुप्त आदि थे।
सोमनाथ चटर्जी लोकसभा में स्पीकर रहे, लेकिन जब मनमोहन सिंह सरकार ने अमेरिका से परमाणु करार किया, तो पार्टी के आदेश पर सोमनाथ ने स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया था। कम्युनिस्टों की ताकत भूमिसुधार आंदोलन व श्रमिकों के संगठनों की वजह से थी। जब सोवियत संघ का विघटन हो गया और चीन ने सरकार द्वारा संरक्षित पूंजीवाद को अपना लिया, तब भी भारत के 3 राज्यों में कम्युनिस्टों का वर्चस्व बना हुआ था।
माओवादी ताकतों की वजह से देश में नक्सलियों ने पैठ जमाई थी। वे खुद को मार्क्सवादी-लेनिनवादी कहते थे। तेलंगाना में एक समय भारी हिंसा कम्युनिस्टों ने भड़काई थी। केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाकर नक्सलवाद खत्म करवाया, जो देश के लिए नासूर बन गया था।
यह भी पढ़ें:-नवभारत विशेष: पाक ने किया सिंधु जल संधि का दुरुपयोग, भारत को चुकानी पड़ी भारी कीमत
कम्युनिस्टों के विकल्प के रूप में समाजवाद उभरा जो अहिंसक था। लोहिया-जेपी की समाजवादी विरासत की मुलायम व लालू ने दुर्गति कर दी। भूमंडलीकरण के बाद सभी और बड़ा बदलाव आ गया। ट्रेड यूनियन अआंदोलन लुप्त होता चला गया। ठेका पद्धति आ गई। अब वामपंथ के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिन्ह लग चुका है।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Decline of communist politics india kerala bengal tripura analysis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
JPSC-JSSC विवाद पर फैसला आज, हेमंत सोरेन और छात्र नेताओं के बीच आखिरी बातचीत! राजभवन घेराव को तैयार
Aug 09, 2026 | 09:07 AM9 अगस्त का इतिहास: जब भारत के साथ खड़ा हुआ सोवियत संघ, 1971 को हुई ऐतिहासिक संधि
Aug 09, 2026 | 09:03 AMHormuz Strait: यूएई के जहाज पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, कहा- रास्ता नहीं खुलेगा
Aug 09, 2026 | 08:59 AMKamika Ekadashi 2026: 9 अगस्त को बनेगा महालक्ष्मी योग, इन 3 राशियों को मिल सकता है धन लाभ
Aug 09, 2026 | 08:38 AMRRB Group D Recruitment 2026: सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका! रेलवे में 30 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी
Aug 09, 2026 | 08:29 AMछत्रपति संभाजीनगर: जायकवाडी में लबालब पानी, सिंचाई,पेयजल,उद्योग के लिए राहत; शिरसाट ने दिए नियोजन के निर्देश
Aug 09, 2026 | 08:25 AMपरिवार साथ दे तो… स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड बैन, लेकिन एक्शन प्लान पर घिरे FDA तुकाराम मुंढे
Aug 09, 2026 | 08:25 AMवीडियो गैलरी

JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM
यूनिवर्सिटी से मीडिया तक RSS के प्रचारक, प्रयागराज में गरजे राहुल गांधी, सरकार पर बोला तीखा हमला; देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:34 PM
15 दिन से भूख हड़ताल पर देवेंद्र नाथ महतो! उग्र हुआ JPSC-JSSC छात्रों का आंदोलन, देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:06 PM
सोनीपत वीडियो कॉल अंतिम संस्कार में सबसे बड़ा मोड़! वृद्धाश्रम के संचालक ने खोला 5100 रुपये का असली राज- VIDEO
Aug 07, 2026 | 10:47 PM













