Anil Parab Cleanchit: साई रिसॉर्ट केस में अनिल परब को बड़ी राहत, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में किया बरी

Anil Parab Cleanchit Case: दापोली के चर्चित साई रिसॉर्ट केस में उद्धव ठाकरे गुट के नेता अनिल परब को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
Anil Parab Cleanchit Dapoli Sai Resort Case
अनिल परब (pic credit; social media)
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Anil Parab Cleanchit Dapoli Sai Resort Case: उद्धव ठाकरे गुट के नेता अनिल परब को दापोली के विवादित साई रिसॉर्ट केस में बड़ी राहत मिली है।

खेड़ के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने उन्हें सबूतों के अभाव में क्लीन चिट दे दी है। परब के अलावा इस केस के दूसरे आरोपियों को भी बरी कर दिया गया है।

बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इस मामले को लेकर परब पर गंभीर आरोप लगाए थे। परब पर दापोली के मुरुड में गैर-कानूनी तरीके से साई रिसॉर्ट बनाने का आरोप था। इस मामले में परब के अलावा समय के सब-डिविजनल ऑफिसर, रेवेन्यू ऑफिसर और मुरुड गांव के सरपंच के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए थे।

आरोपियों की तरफ से वकील सुधीर बुटाला ने कोर्ट में जोरदार दलील पेश करते हुए कहा कि जमीन खरीदना और उस पर कंस्ट्रक्शन दो अलग-अलग लीगल चीजें हैं। सिर्फ अंदाजों के आधार पर भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने इस टेक्निकल दलील को मान लिया। जज ने कहा कि सरकारी पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा है। इसलिए सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।

मेरे खिलाफ साजिश का हुआ पर्दाफाश : परब

मैं पहले से कह रहा था कि साई रिसोर्ट मामले में मेरे खिलाफ एक साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए गए है। कोर्ट के फैसले से यह साबित हो गया है। मुझे पहले से न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास था। मेरे साथ सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया है। यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए इस तरह के आरोप लगाते हैं। - अनिल परब, उद्धव ठाकरे गुट के नेता

क्या था मामला?

सोमैया ने आरोप लगाया था कि रत्नागिरी के दापोली में स्थित साई रिसोर्ट के निर्माण में सीआरजेड नियमों का उल्लंघन किया गया। साथ ही स्टाम्प ड्यूटी की चोरी करके सरकार को नुकसान पहुंचाया गया। यह भी आरोप लगाए गए कि जाली साइन और नकली डॉक्यूमेंट्स के आधार पर बिजली कनेक्शन लिया गया।

इसकी शिकायत केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से भी की गई। इस मामले को लेकर ईडी ने परब के घर समेत उनके सात ठिकानों पर छापा भी मारा था। हालांकि परब का कहना था कि साई रिसोर्ट के मालिक वह नहीं, बल्कि सदानंद कदम है और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

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