इस्तीफा वापस लेने की कोशिश बेअसर! सहकारी बैंक चुनाव पर रोक से HC का इनकार, पूर्व अध्यक्ष को नहीं मिली राहत

Nagpur High Court Refuses: नागपुर हाई कोर्ट ने सहकारी बैंक अध्यक्ष चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद उसे वापस लेने का प्रयास व्यर्थ है।
Attempt to Withdraw Resignation Proves Futile! HC Refuses to Stay Cooperative Bank Elections; No Relief for Former Chairman.
नागपुर हाई कोर्ट, सहकारी बैंक चुनाव,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Cooperative Bank Election: नागपुर हाई कोर्ट ने सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव पर रोक लगाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। अदालत ने पूर्व अध्यक्ष अविनाश कोठाले द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें कोई भी अंतरिम राहत देने से भी मना कर दिया। याचिका के अनुसार याचिकाकर्ता अविनाश कोठाले 31 दिसंबर 2023 को 5 साल (30 दिसंबर 2028 तक) के लिए बैंक के अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने 2 अप्रैल 2026 को अपना इस्तीफा सौंप दिया था जिसमें लिखा था कि यह 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।

हालांकि 24 अप्रैल 2026 को उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया और बैंक को इसकी सूचना दी। याचिकाकर्ता की दलील थी कि नियम 74 के तहत अध्यक्ष पद पर कोई रिक्ति नहीं है, इसलिए 22 मई को होने वाले चुनाव कार्यक्रम को रद्द किया जाए या उस पर रोक लगाई जाए। अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि याचिकाकर्ता के इस्तीफा वापस लेने से पहले ही बैंक की प्रबंध समिति (मैनेजिंग कमेटी) ने 9 अप्रैल को 2026 को एक बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।

अदालत के सामने रखे गए सबूतों के अनुसार, 9 अप्रैल इस बैठक में याचिकाकर्ता खुद मौजूद थे और उन्होंने उन कार्यवाहियों के उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर भी किए थे जिनमें उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया था। इसके बाद 6 मई 2026 को प्रबंध समिति ने उनका इस्तीफा वापस लेने का आवेदन भी खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा कि जब इस्तीफा पहले ही स्वीकार हो चुका था तो उसे बाद में वापस लेने का प्रयास पूरी तरह से व्यर्थ है।

चुनाव मामलों में रिट याचिका दायर करने पर रोक

हाई कोर्ट ने कानूनी रूप से याचिका बनाए रखने को भी खारिज कर दिया, अदालत ने 'वासुदेव, मडकईकर और अन्य बनाम गोवा राज्य' मामले में पूर्ण पीठ के फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सहकारी बैंक संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' या उसकी कोई संस्था नहीं है, और न ही यह कोई ऐसा सार्वजनिक कार्य करता है जिसके लिए परमादेश की रिट जारी की जा सके।

इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी समिति (समिति चुनाव) नियम, 2014 के नियम 78 के तहत चुनाव मामलों में रिट याचिका दायर करने पर रोक है, ऐसे विवादों को केवल महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम की चारा 91 के तहत सहकारिता न्यायालय में चुनाव याचिका के रूप में ही उठाया जा सकता है।

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