
Harshvardhan Sapkal:कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur News: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल फूंकते हुए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। मनपा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी करने के अवसर पर आयोजित एक पत्रकार परिषद में सपकाल ने कहा कि खुद को ‘देवाभाऊ’ के रूप में प्रचारित करने वाले फडणवीस असल में ‘टक्का भाऊ’ (कमीशन लेने वाले) हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विकास के नाम पर केवल ठेकेदार कंपनियों को किस तरह से फायदा पहुंचाया जाए, इसकी फिराक में सरकार है। केवल जनता को लुभाने के लिए विकास का दिखावा किया जाता है, जबकि वास्तविकता अलग है।
सपकाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार में भ्रष्टाचार और ‘कमीशनखोरी’ चरम पर पहुँच गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में होने वाले प्रत्येक सरकारी कार्य के लिए 35 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार सरकारी योजनाओं, उत्खनन लाइसेंसों और विवादित सरकारी जमीनों के आवंटन में खुलेआम आर्थिक लेन-देन हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल और उनके सहयोगी नशीले पदार्थों के व्यापार जैसे आपराधिक व्यवसायों से भी भारी धन उगाही कर रहे हैं।
पत्रकार परिषद के दौरान सपकाल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सतारा जिले में शिंदे के खेत के पास एक नशीले पदार्थ (ड्रग्स) बनाने वाला कारखाना पाया गया है। सपकाल का आरोप है कि इस मामले में पकड़े गए आरोपियों को बचाने के लिए उपमुख्यमंत्री शिंदे के सांसद पुत्र स्वयं गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि काफी गंभीर मामला होने के बावजूद इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे को ‘क्लीन चिट’ दे दी है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले से शिंदे का सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि केवल सत्ता पाने के लिए भाजपा किसी भी स्तर तक जाने से नहीं कतरा रही है।
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मनपा चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीति साझा करते हुए सपकाल ने विश्वास जताया कि इस बार नागपुर महानगर पालिका में कांग्रेस का ही महापौर (मेयर) बनेगा। उन्होंने कहा कि नागपुर के सभी प्रमुख नेताओं ने एकजुट होकर चुनाव की रणनीति तैयार की है और सक्षम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है।
हालांकि सभी को पार्टी का टिकट देना संभव नहीं होता है, ऐसे में कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी समझी जा सकती है। किंतु पार्टी के कार्यकर्ताओं को अब समझना होगा कि भाजपा जैसी पार्टी को हराना है, जिसके लिए सभी को अपना योगदान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं की नाराजगी भविष्य में निश्चित ही दूर की जाएगी। किंतु अब पार्टी को मनपा में सत्ता में लाना है। राज्य में कांग्रेस की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि नगर पंचायतों और नगरपालिकाओं के पिछले चुनावों में कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही है, जिसमें पार्टी के लगभग 1,000 पार्षद और 40 नगराध्यक्ष चुनकर आए हैं।






