महाराष्ट्र से अलग होगा विदर्भ? मंत्री बावनकुले के बयान से गरमाई सियासत, बोले- हम उस ओर...

Separate Vidarbha Demand: महाराष्ट्र विधानमंडल के नागपुर में आयोजित शीतकालीन सत्र के दौरान अलग विदर्भ का मुद्दा फिर गरमाया। विजय वडेट्टीवार ने इसकी मांग की। इस पर मंत्री बावनकुले ने जवाब दिया है।
Chandrashekhar Bawankule Reaction On Separate Vidarbha
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrashekhar Bawankule Reaction On Separate Vidarbha: नागपुर में विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों के नेताओं ने चाय पार्टी का बहिष्कार किया था, जिससे माहौल गरमा गया। इसी बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री विजय वडेट्टीवार ने पृथक विदर्भ की मांग उठाकर एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है, जिससे राजनीति गरमा गई है।

नागपुर में विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही पृथक विदर्भ का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद, भाजपा नेता और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

अलग विदर्भ को लेकर क्या बोले बावनकुले?

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पृथक विदर्भ को लेकर कड़ा रुख अपनाया और स्पष्ट किया कि भाजपा का रुख अपरिवर्तित है। उन्होंने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि भाजपा इस पर काम कर रही है। बावनकुले ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी अब अलग विदर्भ का मुद्दा उठा रही है, लेकिन यह मुद्दा भाजपा के एजेंडे का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा का रुख पृथक विदर्भ राज्य के पक्ष में है और यह मुद्दा उनके एजेंडे से बाहर नहीं गया है। बावनकुले ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अब तक पृथक विदर्भ पर अपना रुख अपनाया है।

पृथक विदर्भ क्यों जरूरी?

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अपनी मांग के पीछे विदर्भ के विकास और सामाजिक समीकरणों को कारण बताया है। उन्होंने कहा है कि पृथक विदर्भ के बिना विदर्भ के विकास की कमी को पूरा करना संभव नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान सामाजिक समीकरण के अनुसार, विदर्भ एक मिश्रित समाज है, जहाँ ओबीसी, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक बहुल हैं।

वडेट्टीवार ने तर्क दिया कि इन समाजों को सत्ता में बहुत कम अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ये समुदाय सत्ता में भागीदारी नहीं करेंगे, तब तक इस क्षेत्र के साथ न्याय नहीं हो सकता। इसलिए, उनकी मांग है कि भविष्य में पृथक विदर्भ का निर्माण होना ही चाहिए।

वडेट्टीवार ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में एक खास समुदाय का दबदबा बढ़ गया है। हालाँकि, विदर्भ के नागरिक पिछले कई दिनों से पृथक विदर्भ की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इसे नज़रअंदाज़ किया है,। इस पृष्ठभूमि में, वडेट्टीवार ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष की बैठक में अलग विदर्भ के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस सत्र में यह मुद्दा फिर से गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।

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