

Ajit Pawar Memories: ‘सुनो, बता देता हूं और निकलता हूं’ ऐसा कहते हुए वर्ष 2005 में राज्य के तत्कालीन जल संपदा मंत्री अजित पवार ने महज 15 मिनट में पत्रकार वार्ता समाप्त कर दी थी। 15 अगस्त 2005 को उन्होंने पुणे में ध्वजारोहण संपन्न करने के बाद गोसीखुर्द बांध का दौरा किया। उन्होंने वहां निरीक्षण किया और सिंचाई महामंडल के अधिकारियों को कुछ निर्देश दिए। इसके बाद दोपहर 3।30 बजे पत्रकार वार्ता निर्धारित थी।
हालांकि किसी कारणवश वे लगभग एक घंटे की देरी से पहुंचे लेकिन पहुंचने के बाद उन्होंने परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी पत्रकारों को दी। जैसे ही उनका बयान समाप्त हुआ और पत्रकार प्रश्न पूछने वाले ही थे, उन्होंने उन्हें रोकते हुए कहा कि सुनो ना, अब निकलता हूं और मुंबई के लिए रवाना हो गए। स्वतंत्रता दिवस के अवकाश के दिन भी वे अपने कर्तव्य के प्रति सदैव तत्पर रहते थे। यह अनुभव आज भी कई लोगों की स्मृति में है।
यह पत्रकार वार्ता सिंचाई भवन में आयोजित की गई थी। उस समय गोसीखुर्द परियोजना को लेकर सरकार की आलोचनाएं हो रही थीं। उस दौर में राज्य के मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे थे और उनके मंत्रिमंडल में अजित पवार जल संपदा मंत्री थे। वे 2004 से 2010 तक इस पद पर रहे। वर्ष 2005 में उन्होंने 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह दौरा किया था। पुणे से नागपुर पहुंचने के बाद वे सीधे गोसीखुर्द परियोजना स्थल गए थे। वहां लगभग एक से डेढ़ घंटे तक निरीक्षण करने के बाद उन्होंने नागपुर में पत्रकार वार्ता आयोजित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। उसी अनुसार यह पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
उस समय अजित पवार तेज गति से काम करने के लिए जाने जाते थे। राज्य की सिंचाई परियोजनाओं पर उनकी गहरी पकड़ को देखते हुए उन्हें जल संपदा जैसा अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया था। उन्होंने सभी परियोजनाओं की समीक्षा शुरू की थी। नागपुर के सिंचाई भवन में भी उन्होंने अधिकारियों को कुछ निर्देश दिए और नाराजगी भी जताई थी।
पहले से ही स्वतंत्रता दिवस का दिन और ऊपर से मंत्री की फटकार मिलने के कारण अधिकारी वर्ग असहज था। साथ ही उनके सख्त स्वभाव के चलते अधिकारियों में भय का माहौल भी बना हुआ था। लगभग ढाई घंटे इंतजार करने के बाद पत्रकारों को महज 15 मिनट की पत्रकार वार्ता के बाद लौटना पड़ा था लेकिन अजित पवार के बात करने के लहजे ने स्थिति सभांली और किसी को नाराजगी नहीं हुई।