66 साल, 6 महीने, 6 दिन...शाइना NC ने गिनाया अजित दादा की जिंदगी का वो 'अजीब' संयोग; ममता बनर्जी को लगाई फटकार

Shaina NC on Mamata Banerjee: अजित पवार के निधन पर राजनीति! शायना एनसी ने ममता बनर्जी को दिया करारा जवाब। कहा- 'ये कोई बी-ग्रेड फिल्म की कहानी नहीं, मौत पर अफवाहें फैलाना बंद करें।'
Shiv Sena leader Shaina NC slams Mamata Banerjee over her "conspiracy" theory on Ajit Pawar's death. "Don't play politics over a tragedy," says Shaina NC.
शाइना एनसी और ममता बनर्जी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Shaina NC over Ajit Pawar Death: शिवसेना नेता शायना एनसी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर बयानबाजी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी किसी की मौत पर राजनीति न करें।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में शायना एनसी ने कहा, "आप (ममता बनर्जी) किस हद तक अफवाहें फैलाएंगी? आपके लिए यह शायद एक राजनीतिक मुद्दा हो सकता है। देश के लिए संवेदनशीलता के साथ समझ लीजिए कि यह एक हादसा था, जिसमें एक नेता की जिंदगी गई है।"

'बी-ग्रेड' फिल्म की कोई स्टोरी नहीं - शाइना

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने आगे कहा, "अजित पवार ने अपने 50 साल सक्रिय राजनीति में रहते हुए राज्य में लगातार दौरे किए। जिला परिषद के प्रचार के लिए बारामती गए थे। टेक्निकल खराबी हो सकती है और जांच होनी चाहिए, लेकिन यह कहना कि ये षड्यंत्र है, यह आपके 'बी-ग्रेड' फिल्म की कोई स्टोरी नहीं है। इसलिए अपने आप पर कंट्रोल करें। अगर संवेदनशीलता नहीं दिखा सकती हैं तो ऐसी बयानबाजी न करें।"

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर शायना एनसी ने कहा, "अजित पवार का महाराष्ट्र की राजनीति में 50 साल लंबा योगदान रहा है। इस दौरान उन्होंने बारामती से विधायक के तौर पर काम किया, वित्त मंत्री बने, सिंचाई मंत्री रहे और डिप्टी चीफ मिनिस्टर बने। अफसोस की बात यह है कि बुधवार के दिन उनकी जिंदगी के 66 साल, 6 महीने और 6 दिन पूरे हुए थे। वह छह बार डिप्टी चीफ मिनिस्टर भी रहे।"

अजित पवार की बताई खासियत

शिवसेना नेता ने आगे कहा, "अजित पवार की खासियत यह थी कि वह न सिर्फ एक जन नेता थे, बल्कि एक काबिल एडमिनिस्ट्रेटर भी थे। कई सालों तक वह हमारे पड़ोसी रहे, हमारा बाउंड्री वॉल एक है। एक खास बात यह थी कि हर सुबह 6 से साढ़े 7 बजे तक उनका ओपीडी वार्ड खुला रहता था, जहां लोग अपनी समस्याएं लेकर आते थे। वह उनकी समस्याओं का समाधान करते थे।"

उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में काबिल व्यवस्थापक का नाम लेना पड़े तो वे अजित पवार का ही नाम लेंगे। जिस अंदाज से उन्होंने बारामती और प्रदेश के लिए काम किया, ट्रिपल इंजन सरकार में उनकी कमी महसूस होगी। देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे उनके लिए एक बड़े भाई की तरह थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com