नागपुर के 10 चौराहों पर AI से नजर, ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट लागू

Nagpur News: नागपुर के विकास के साथ वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। लगातार ट्रैफिक के बढ़ते बोझ के कारण समय के साथ सड़कें चौड़ी की गईं। लोगों को अक्सर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।
Nagpur News: नागपुर के विकास के साथ वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। लगातार ट्रैफिक के बढ़ते बोझ के कारण समय के साथ सड़कें चौड़ी की गईं। लोगों को अक्सर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।
नागपुर का चौक (फाइल फोटो)
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AI Monitors 10 Intersections in Nagpur: नागपुर सिटी के विकास के साथ वाहनों की बढ़ती संख्या, लगातार ट्रैफिक के बढ़ते बोझ के कारण समय के साथ सड़कें चौड़ी की गईं। इसी के साथ शहर के हर हिस्से में वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। नतीजतन सिटी के लोगों को अक्सर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई युवा यातायात नियमों का पालन नहीं करते जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए मनपा ने सभी पहलुओं पर नियंत्रण के लिए इंटेलिजेंट एंड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत अब सिटी के 10 चौराहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की नजर होगी। प्रायोगिक तत्व पर इन 10 चौराहों का चयन किया गया है। सिटी के सभी 161 चौराहों पर इसे भविष्य में लागू किया जाएगा। 10 चौराहों पर एआई की प्रणाली पूरी तरह से स्थापित कर दी गई है।

दिसंबर 2025 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

शहर में यातायात को सुचारु करने के लिए इस प्रोजेक्ट का काम दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए मनपा के बिजली विभाग की ओर से सर्वे किया गया। इसमें पुलिस विभाग को भी शामिल किया गया। बताया जाता है कि मनपा द्वारा पिछले 2 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 197 करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं। मनपा के बिजली विभाग की मानें तो पूरे प्रोजेक्ट में क्या पुराने सीसीटीवी उपयोगी होंगे, क्या पुराने सिग्नल सिस्टम का उपयोग किया जा सकता है, नए कैमरे लगाने के लिए जगह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया हो गई है। वीएमएस (वीडियो मैनेजमेंट सिस्टम) के लिए भी जगह तलाशी जा रही है।

जहां वाहनों की गर्दी वहां ग्रीन सिग्नल

एआई सिस्टम के कारण चौराहों पर जहां वाहनों की गर्दी अधिक होगी वहां सिग्नल ऑटोमेटेड सिस्टम के चलते ग्रीन हो जाएंगे। इस तरह चौराहों पर का ट्रैफिक मैनेजमेंट एआई के माध्यम से स्वयंचलित कर दिया जाएगा। बताया जाता है कि प्रायोगिक तत्व पर काचीपुरा, बजाजनगर, लक्ष्मीनगर, शंकरनगर, अलंकार टॉकीज चौक सहित कुछ चौराहों को चिन्हांकित किया गया है। सर्वे के उपरांत पुलिस के ट्रैफिक विभाग द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार चौराहों का चयन किया गया।

164 ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोलर

इस प्रणाली से नागपुरवासियों की यात्रा का समय 28 से 48 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। औसत यातायात गति को 46 से 62 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। परियोजना की यातायात नियंत्रण प्रणाली यातायात उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसेगी।

इस परियोजना के अनुसार एक केंद्रीय यातायात प्रबंधन केंद्र होगा और 11 प्रमुख यातायात लेन की निगरानी की जाएगी। वाहन चालकों को स्वचालित रूप से ई-चालान जारी किया जाएगा।

सिग्नल जंपर्स को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इंटेलिजेंट और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट में एआई सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नागपुर के लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने में पुलिस मदद करेगी। शहर के सभी 164 ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोलर को इंटेलिजेंट और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के मुताबिक अपडेट किया जाएगा।

फरवरी-26 तक हो जाएगा काम

कम्पनी को वर्क ऑर्डर दिया गया था। उसके अनुसार कार्य किया जा रहा है। 10 जंक्शन का काम हो चुका है। अन्य जंक्शन के फाउंडेशन का काम चल रहा है। टेंडर की शर्तों के अनुसार फरवरी-26 तक काम पूरा होना है। उसके अनुसार काम को पूरा किया जा रहा है।

- राजेंद्र राठोड, कार्यकारी अभियंता, मनपा।

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