Maharashtra: अब भी 3,798 स्कूलों की जियोटैगिंग अधूरी, शिक्षा विभाग ने दी 10 दिन की मोहलत

Nagpur education news: महाराष्ट्र में अब भी 3,798 स्कूलों की जियोटैगिंग लंबित, शिक्षा विभाग ने 10 दिन की अंतिम मोहलत दी। काम न होने पर कार्रवाई के संकेत दिए है।
Nagpur education news: महाराष्ट्र में अब भी 3,798 स्कूलों की जियोटैगिंग लंबित, शिक्षा विभाग ने 10 दिन की अंतिम मोहलत दी। काम न होने पर कार्रवाई के संकेत दिए है।
स्कूल जियोटैगिंग (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
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School Geotagging Maharashtra: शालेय शिक्षा विभाग ने स्कूलों को अपनी लोकेशन के साथ-साथ भौतिक सुविधाओं को ‘जियोटैगिंग’ करने का आदेश दिया था लेकिन अब तक राज्यभर की 3,798 स्कूलों ने अभी तक जियोटैगिंग नहीं की है। अब संबंधित स्कूलों को जियोटैगिंग प्रोसेस पूरा करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।

शिक्षा आयुक्त द्वारा प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा संचालक सहित विभागीय शिक्षण उपसंचालक, शिक्षाधिकारी, गट शिक्षाधिकारी को परिपत्रक द्वारा सूचना दी गई है। महाराष्ट्र रिमोट सेन्सिंग एप्लिकेशन सेंटर द्वारा शालेय शिक्षा विभाग की सभी तरह की शालाओं में भौतिक जगह के छायाचित्र सहित टैग कर भौगोलिक तकनीक के माध्यम से सभी जानकारी एकत्रित करने के लिए महास्कूल जीआईएस मोबाइल एप विकसित किया गया है।

अप्रैल में ही दी जानकारी

इसके अनुसार शालाओं को जियोटैगिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बारे में सूचना शिक्षा आयुक्त ने अप्रैल में ही दी थी। उसके बाद राज्य की १,0४,3६७ शालाओं ने मैपिंग पूरी की। वहीं 3,७९८ शालाओं की जियोटैगिंग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। शालाओं को अपना यूडायस कोड या यूडायस प्लस में शाला के प्राचार्य का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर लॉग इन करना होगा।

- लॉग इन करने के बाद, यूडायस प्लस में भरी गई जानकारी एप में दिखेगी। उसके बाद स्कूल की जीआईएस लोकेशन कैप्चर की जाएगी और स्कूल की पूरी बिल्डिंग, किचन शेड, लड़कों और लड़कियों के टॉयलेट, पीने के पानी की सुविधा के साथ-साथ स्कूल का नाम भी शामिल किया जाएगा।

- संबंधित शाला के प्रिंसिपल को शाला कैंपस में मौजूद रहकर फोटो और जानकारी अपडेट करनी होगी। सभी स्कूलों की मैपिंग टाइम लिमिट में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। देखा गया है कि प्रादेशिक कार्यालय को समय-समय पर निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित शालाओं ने मैपिंग नहीं की है।

- इसलिए यह वेरिफाई किया जाना चाहिए कि संबंधित शालाओं ने मैपिंग क्यों नहीं की। यदि स्कूल बंद हैं तो संबंधित शिक्षाधिकारी यूडायस में जानकारी अपडेट करें जिसके बाद शालाओं को अनमैप्ड लिस्ट से हटा दिया जाएगा। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि स्कूलों की मैपिंग में कोई और मुश्किलें आ रही हैं तो उनका रिव्यू करके बाकी सभी स्कूलों की मैपिंग तुरंत पूरी करने के लिए एक्शन लिया जाए।

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