
एडवांटेज विदर्भ में देवेंद्र फडणवीस समेत दिग्गज (सौजन्य-सोशल मीडिया)
CM Devendra Fadnavis Nagpur: नागपुर में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि विदर्भ के नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले को ‘ग्रीन स्टील हब ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित किया जाएगा। गड़चिरोली में स्टील से जुड़ा संपूर्ण इकोसिस्टम खड़ा कर चीन से भी कम दर पर स्टील दुनिया को उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। वहीं नागपुर में सोलर मॉड्यूल और अमरावती में एशिया का सबसे बड़ा पायलट ट्रेनिंग सेंटर बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए गए हैं।
विदर्भ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फडणवीस अंबाझरी–अमरावती मार्ग स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय परिसर में एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित ‘एडवांटेज विदर्भ 2026 – खासदार औद्योगिक महोत्सव’ के उद्घाटन समारोह में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई वर्षों से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को नागपुर लाने की कोशिशें आज पूरी हुई हैं। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल सुविधा की विशेष सराहना की। महिंद्रा एंड महिंद्रा के इन्वेस्टमेंट से भारतीय और ग्लोबल मार्केट के लिए नागपुर में नेक्स्ट-जेनरेशन इलेक्ट्रिक गाड़ियां और ट्रैक्टर बनाए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट के लिए साइट पक्की कर ली जाएगी। कंपनी ने संभाजीनगर में एक सप्लाई सेंटर और नासिक में एक एक्सपेंशन सेंटर खोलने की घोषणा की है, इसलिए पुणे शहर के बाद अब नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर शहरों में देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न ‘मैग्नेट हब’ विकसित कर उनके आसपास के जिलों का समग्र विकास करना सरकार का उद्देश्य है। वहीं अमरावती में सफल इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क की तर्ज पर पीएम मित्रा योजना के अंतर्गत एक और पार्क विकसित किया जाएगा तथा अमरावती एयरपोर्ट के पास एविएशन स्कूल भी स्थापित किया जा रहा है।
इससे यवतमाल, बुलढाना, वाशिम और अकोला जिलों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। उन्होंने भविष्य की जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स) लहर को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीति के महत्व पर भी जोर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नलगंगा परियोजना, जल नियोजन, फूड प्रोसेसिंग और गैस-आधारित उद्योगों पर भी विस्तार से चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विदर्भ में बड़े पैमाने पर निवेश और उद्योग आने वाले हैं। ऐसे में उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने विदर्भ के समग्र विकास और गरीबी उन्मूलन के लिए औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
साथ ही प्रत्येक जिले की विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने की बात कही जैसे कपास उत्पादक जिलों में कॉटन-आधारित उद्योग विकसित किए जा सकते हैं। इसी तरह सभी जिलों की ताकत पहचानने से निर्यात-आधारित उद्योग विकसित होंगे। गड़चिरोली के उच्च गुणवत्ता वाले आयरन ओर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गड़चिरोली में विश्व स्तरीय स्टील हब बनने की पूरी क्षमता है।
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गड़चिरोली से वाशिम तक विदर्भ के सभी जिलों में गरीबी और बेरोजगारी खत्म करने और इस इलाके को खुशहाल और समृद्ध बनाने का सपना पूरा होने का भरोसा जताते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले 5 वर्षों में विदर्भ में 5 लाख नौकरियां पैदा होंगी। उद्योग सचिव पी. अनबलगन ने राज्य में विकसित होने वाले 3 औद्योगिक क्लस्टर्स की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विदर्भ देश के विकास में बड़े पैमाने पर योगदान देगा।
इस अवसर पर अदाणी ग्रुप के निदेशक जीत अदाणी, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री एड. आशीष जायसवाल, मंत्री पंकज भोयर, विधायक परिणय फुके, चरण सिंह ठाकुर, सुमित वानखेड़े, इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पी. अनबलगन, उद्योगपति पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल, एआईडी के अध्यक्ष आशीष काले, विजय शर्मा, निर्भय संचेती सहित देश-विदेश के उद्योजक उपस्थित थे।






