
रामदास कदम और देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics News: नागपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बाद से राज्य की राजनीति में शंका-कुशंकाएं व्यक्त करने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
अजित पवार के निधन के चौथे ही दिन उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डीसीएम पद की शपथ दिलाने को लेकर शिवसेना शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने राकां प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे पर आरोप लगाया कि दोनों राष्ट्रवादी पार्टी कहीं एक न हो जाएं, इस भय से उन्होंने जल्दबाजी कर सुनेत्रा पवार को डीसीएम बनाने का निर्णय लिया।
इस तरह के आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कड़ी आपत्ति जताई है और महायुति के नेताओं को निम्न स्तर की राजनीति नहीं करने को कहा है। नागपुर में विदर्भ एडवांटेज में शामिल होने के बाद पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कहा कि अजित पवार के हादसे को लेकर चल रहे विवाद और आरोप-प्रत्यारोप तुरंत बंद होने चाहिए।
उन्होंने इस विषय पर हो रही राजनीति पर तीखी नाराजगी जताई। फडणवीस ने कहा कि अजित पवार राज्य के बड़े नेता रहे हैं। उनके हादसे के बाद संवेदना और शोक व्यक्त करने की बजाय कुछ लोग अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने की कोशिश कर रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्तमान में जो विवाद चल रहा है, वह पूरी तरह निरर्थक है। गलत तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं। हर घटना को राजनीति के अवसर के रूप में देखना गलत है।
रामदास कदम द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता सुनील तटकरे पर लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आरोप परिस्थितियों को और भड़काने वाले हैं। राज्य की राजनीति में परिपक्वता अपेक्षित है। निचले स्तर की राजनीति बंद होनी चाहिए। किसी भी दुखद घटना से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
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फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अजित पवार के हादसे से संबंधित किसी तथ्य की जांच आवश्यक है, तो संबंधित एजेंसियां कानून के दायरे में रहकर जांच करें। लेकिन इसे लेकर सार्वजनिक मंचों पर आरोपों की श्रृंखला चलाना राज्य की राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है। आज समाज को संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की आवश्यकता है।
राजनीति करते समय मानवता, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी नहीं खोनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी दुखद घटनाओं पर एकजुट होने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे, तो जनता के बीच गलत संदेश जाएगा।






