मुंबई में ठाकरे-शिंदे के कार्यकर्ता आपस में भिड़े, मनपा चुनाव की घोषणा से पहले ही गरमाई राजनीति

Mumbai News: प्रभादेवी में सौंदर्याकरण कार्य को लेकर ठाकरे और शिंदे शिवसेना के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ गैर-अभियोजन योग्य अपराध दर्ज किया है।
सदा सरवणकर, महेश सावंत (pic credit; social media)
सदा सरवणकर, महेश सावंत (pic credit; social media)
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Thackeray- Shinde workers clashed: मुंबई महानगरपालिका के आगामी चुनावों की घोषणा से पहले शहर की राजनीति गरमा गई है। प्रभादेवी में शनिवार को सौंदर्याकरण कार्य के श्रेय को लेकर शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

विवाद का कारण बीएमसी द्वारा दिए गए कार्य से संबंधित पत्र और फंड का वितरण था। यूबीटी विधायक महेश सावंत के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक सदा सरवणकर के समर्थक अपने नाम का प्रचार करने के लिए काम पर कब्जा कर रहे हैं। वहीं, सरवणकर के पुत्र समाधान सरवणकर ने कहा कि उनके पास वर्क ऑर्डर और फंड था, इसलिए वे काम कर रहे थे।

सावंत ने इस पर सवाल उठाया कि हारने के बावजूद पूर्व विधायक को फंड कैसे दिया गया और बीएमसी क्यों जीतने वाले विधायक को प्राथमिकता नहीं दे रही। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे डीसीएम शिंदे के दबाव में काम कर रहे हैं और शिंदे गुट के जनप्रतिनिधियों को ही प्राथमिकता दी जाती है।

इस विवाद के चलते स्थानीय दादर पुलिस को दोनों गुटों को शांत कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ गैर-अभियोजन योग्य अपराध दर्ज किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सौंदर्याकरण कार्य से इलाके की सुंदरता और सुविधा बढ़ेगी, लेकिन राजनीतिक भिड़ंत से जनता के लिए यह कार्य प्रभावित हो रहा है। सावंत ने बताया कि वह इस मामले को जिला योजना समिति की बैठक में उठाएंगे और फंड वितरण और कार्य संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि बीएमसी चुनावों के नजदीक आते ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता स्थानीय विकास कार्यों में भी दिखाई देने लगी है। कार्यकर्ताओं की आपसी झड़प ने यह सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में स्थानीय विकास और जनता की सुविधा को कितना महत्व दिया जा रहा है।

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