
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sunetra Pawar Portfolio Allocation: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर नई जिम्मेदारी संभाली है। मुंबई के लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राकांपा के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे व छगन भुजबल मौजूद रहे। उनके छोटे बेटे जय पवार भी परिवार के साथ इस भावुक क्षण के साक्षी बने।
उपमुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार को महायुति सरकार में आबकारी विभाग (Excise Department) आवंटित किया गया है। इसके अलावा खेल व युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास व औकाफ विभागों (Minority Development and Aukaf Department) मंत्रालय आवंटित किया गया है। वहीं प्लानिंग और फाइनेंस विभाग, जो पहले दिवंगत अजित पवार के पास थे, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास हैं।
Sunetra Pawar, Deputy CM of Maharashtra and wife of late Ajit Pawar, gets state excise duty, Sports and Youth Welfare, Minorities Development & Aukaf departments The portfolios of Planning and Finance, which were assigned to Late Ajit Pawar, are now being held by Chief Minister… pic.twitter.com/udMdmQxKFe — ANI (@ANI) January 31, 2026
जैसे ही 62 वर्षीय सुनेत्रा पवार शपथ लेने के लिए मंच की ओर बढ़ीं, पूरा हॉल ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में एक दुखद विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया था, जिसके बाद से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया था। सुनेत्रा को अब औपचारिक रूप से राकांपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।
सुनेत्रा पवार ने अपने सक्रिय राजनीतिक करियर की शुरुआत 2024 के लोकसभा चुनाव से की थी, जहां उन्होंने बारामती सीट पर अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि वह चुनाव हार गईं, लेकिन बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में वह किसी सदन की सदस्य नहीं हैं, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि वह अपने पति की रिक्त हुई बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगी।
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सुनेत्रा पवार के सामने राह आसान नहीं है। उनके पास दो मुख्य चुनौतियां हैं, एक पार्टी की एकता और दूसरा विलय का फैसला। अजित पवार के जाने के बाद राकांपा को एकजुट रखना और महायुति गठबंधन में पार्टी का वर्चस्व बनाए रखना। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या राकांपा का विलय शरद पवार नीत राकांपा (SP) के साथ होगा? इस पर अंतिम फैसला अब सुनेत्रा के कंधों पर है।






