'बिहार चुनाव घोटाला, वोट चोरी से जीती भाजपा', उद्धव गुट का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

Bihar Election Result: शिवसेना (यूबीटी) ने बिहार चुनाव नतीजों को भारतीय लोकतंत्र में एक घोटाला बताया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलकर वोट चोरी की।
Uddhav Thackeray
उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Shiv Sena UBT On Bihar Election Result: सत्तारूढ़ राजग को चुनावों में शानदार जीत मिलने के बाद, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने एक विस्फोटक दावा किया है। पार्टी ने इसे "भारतीय लोकतंत्र में एक घोटाला" बताया और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने वोट चोरी के जरिए चुनाव जीत लिया है।

शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को दावा किया कि बिहार चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा कराया गया एक घोटाला है। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में गंभीर आरोप लगाए कि चुनाव आयोग और भाजपा वांछित परिणाम पाने के लिए मिलकर काम कर रहे थे।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि वोट फिर से चुराए गए, जिसके आधार पर भाजपा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव जीत लिया। पार्टी ने सवाल किया कि अगर चुनाव प्रक्रिया के द्वारपाल ही चोरों की मदद करेंगे तो लोग किस पर भरोसा करेंगे।

शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे आश्चर्यजनक नहीं थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि बिहार में भाजपा की जीत का फार्मूला महाराष्ट्र की तरह ही तय हो गया है, जहां विपक्षी महा विकास आघाडी को 50 सीटें भी नहीं जीतने दी गईं।

नीतीश कुमार पर स्मृति लोप का दावा

पार्टी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्मृति लोप की समस्या से जूझ रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि यह समस्या सार्वजनिक रूप से उनके अनियमित व्यवहार से स्पष्ट होता है। पार्टी ने सवाल किया कि ऐसी चुनौतियों वाला व्यक्ति बिहार का नेतृत्व कैसे कर सकता है। इसके साथ ही, शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि राहुल गांधी और राजद के तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में निकाली गई वोट अधिकार यात्रा को भारी समर्थन मिला है।

सीटों का गणित और JDU पर नियंत्रण की आशंका

सत्तारूढ़ एनडीए ने विपक्षी महागठबंधन को करारी शिकस्त देकर सत्ता बरकरार रखी। 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। चुनावों में भाजपा ने 2020 की 74 सीटों की तुलना में 89 सीटें जीतीं। वहीं, नीतीश कुमार के जनता दल (यू) ने पिछली बार की 43 सीटों की तुलना में 85 सीटों पर सफलता हासिल की।

विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सीटों की संख्या 75 से घटकर 25 रह गई। कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़कर केवल छह सीटें ही जीतीं, जो पिछली बार की 19 सीटों से काफी कम है।

संपादकीय में यह भी दावा किया गया कि भाजपा मुख्यमंत्री पद के लिए जेडी(यू) पर नियंत्रण करने में संकोच नहीं करेगी। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि बिहार में भाजपा के दो उप-मुख्यमंत्री हैं, लेकिन वह इस पूर्वी राज्य में अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सकी।

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