'10 हजार में लोकतंत्र बिकता है, ये बिहार में दिखता है', संजय राउत ने दिखाया आईना

Sanjay Raut On Bihar Politics: बिहार चुनाव में NDA की प्रचंड जीत पर संजय राउत ने 10 हजार रुपये DBT योजना को मतदाता खरीद बताकर हमला बोला। महिलाओं को मिली आर्थिक मदद पर लोकतंत्र बिकने का आराेप लगाया।
Sanjay Raut Tweet On Bihar Election Result
संजय राउत का बिहार के चुनाव नतीजों पर सोशल मीडिया पोस्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut Tweet On Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को प्रचंड बहुमत मिला। 243 में से 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। इस जीत में भाजपा ने 89 और जदयू ने 85 सीटें हासिल कीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दसवीं बार सत्ता में वापसी कर रहे हैं। वहीं विपक्षी महागठबंधन को महज 35 सीटें मिलीं।

विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं एनडीए की इस विशाल जीत में महिलाओं की भागीदारी ने निर्णायक भूमिका निभाई। संजय राउत ने इस को लेकर तीखा तंज किया है।

संजय राउत का पोस्ट

महाराष्ट्र के शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर सोशल मीडिया मंच पर एक्स पर एक पोस्ट के जरिए एनडीए गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने एक पोस्टर शेयर किया जिसमें लिखा है “10 हज़ार में लोकतंत्र बिकता है, ये बिहार में दिखता है।”

संजय राउत का इशारा सरकार की 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर करने वाली योजना पर था। उन्होंने यह टिप्पणी जनता को खरीदने के आरोपों की पृष्ठभूमि में की है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।

क्या है 10,000 रुपये वाली योजना?

दरअसल चुनाव से पहले बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (CMWES) लॉन्च की गई। इस योजना के तहत, लगभग 1.5 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। यह राशि बिना किसी पुनर्भुगतान दायित्व के सीधे महिलाओं के बैंक खातों में स्थानांतरित (DBT) की गई थी।

संयज राउत बोले- ये महाराष्ट्र पैटर्न

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राउत ने इससे पहले भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे ‘महाराष्ट्र पैटर्न’ बताते हुए कटाक्ष किया।

बिहार के इन चौंकाने वाले चुनावी नतीजों पर शिवसेना नेता, सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राउत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों से धक्का लगने की जरूरत नहीं है।

एलजेपी ने लगाई लंबी छलांग

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रही। एलजेपी ने 29 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की थी, जिनमें से वह 18 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही, और एक सीट में आगे चल रही है। जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी केवल एक सीट ही जीत पाई थी।

बिहार चुनाव में सबसे बुरा हाल इंडिया अलायंस की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस का रहा, जो इस चुनाव में केवल 6 सीटें जीत पाई। जबकि, उसने इस चुनाव में 61 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

वहीं अन्य पार्टियों की बात करें तो AIMIM और HAM दोनों ने 5-5 सीटें जीतीं। अन्य छोटे दलों ने चुनाव में कुछ सीटें जीतीं, लेकिन उनके प्रभावी परिणाम नहीं रहे।

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