आसमान से बरस रहे आग के गोले! 44.4 डिग्री ने बढ़ाई मुसीबत, नागपुर में जनजीवन गर्मी से अस्त-व्यस्त

Nagpur Heatwave News: नागपुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। 44.4 डिग्री तापमान के बीच सड़कें सूनी रहीं, लोग घरों में कैद रहे और पशु-पक्षी भी छांव तलाशते नजर आए।
Fireballs Raining from the Sky! 44.4 Degrees Aggravates Crisis; Public Life in Nagpur Thrown into Chaos by the Heat.
नागपुर गर्मी, हीटवेव, (सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Weather Update: नागपुर शहर में बीते कुछ दिनों से लगातार सिटी में आसमानी आफत बरस रही है। ऐसा लग रहा है मानो आग के गोले ही बरस रहे हों। पूरी सिटी भीषण गर्मी से त्रस्त हो चुकी है। कूलर व एसी तक काम नहीं कर रहे हैं। सुबह 9 बजे के बाद तो चिड़ियों की चहचहाहट भी बंद हो जाती है।

मवेशी व श्वान भी छाये की तलाश कर वहीं दुबक जाते हैं। संडे छुट्टी का दिन भी लोगों ने घर में बिताया, दोपहर को बाजार क्षेत्रों व सड़कों की हालत ऐसी थी मानो अघोषित कर्फ्यू लगा हुआ हो, अनेक सड़कों पर वीरानी छायी हुई थी। मौसम विभाग ने सिटी का अधिकतम तापमान 44.4 डिसे दर्ज किया जो औसत से 2.7 डिसे अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.2 डिसे दर्ज किया गया।

वर्धा, अकोला 46 डिसे

संपूर्ण विदर्भ तप रहा है लेकिन वर्धा व अकोला संडे को सर्वाधिक गर्म रहे। दोनों ही जगहों का अधिकतम तापमान 46.0 डिसे दर्ज किया गया, वहीं अमरावती का तापमान 45.8 ब्रम्हपुरी 44.6 चंद्रपुर 44.0 और यवतमाल का अधिकतम तापमान 44.4 डिसे दर्ज किया गया।

23 के बाद खुला आसमान

मौसम विभाग ने सिटी सहित जिलेभर में 22 मई तक हीटवेव बने रहने की संभावना जताई है। वहीं 23 मई को आसमान खुला रहेगा। इस दौरान सिटी का अधिकतम तापमान 43 से 45 डिसे और न्यूनतम तापमान के 26-27 डिसे तवा बने रहने के संकेत दिये।

2 घंटे चला तूफान का तांडव

देवलापार और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार रात को अचानक आई आंधी, तूफान और बेमौसम बारिश ने तबाही मचा दी। करीब 2 घंटे तक तूफान का तांडव चलते रहा। उत्तरप्रदेश में हाल ही में आये तुफान से लोगों में पहले ही दहशत थी। इसके बाद देवलापार में आंधी, तूफान से लोगों में भय की स्थिति देखी गई। इस आंधी, तुफान ने आम जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। लोग खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी तेज बिजली कड़कने लगी। देखते ही देखते सांय-सांय की तेज हवा आंधी के साथ तूफान शुरू हो गया।

उसकी रफ़्तार बढ़ने लगी। इससे अपने कच्चे घरों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया। लगातार बिजली कड़कने और गरजने से देवलापार इलाका दहल गया। कई जगहों पर सड़कों पर पेड़ गिर गए। किसानों की फलों की फसलें काफी हद तक खराब हो गई। करीब दो घंटे तक आंधी, तूफान, गरज और बिजली कड़कने का सिलसिला चलता रहा।

कुछ किसानों के जानवरों को भी नुकसान हुआ। आंधी, तूफान से जगह-जगह पर पेड़ गिर गए तथा यातायात भी प्रभावित हुआ। लोधा निवासी पशुपालक गौतम ढोबले के पास बड़ी संख्या में भैंसे हैं। हमेशा की तरह शनिवार की शाम को वे भैंसों को जंगल से चराने के लिए लाए और उन्हें गौशाला में बांध दिया।

लेकिन, जब वे सुबह उठे तो देखा कि एक भैंस मृत पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि रात करीब 11 बजे तेज आंधी-तूफान आया और बिजली गिरने से भैंस की मौत हो गई। उनकी दो और भैंसें भी घायल हुई हैं। उन्होंने संबंधित प्रशासन से पंचनामा करने और सरकार से मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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