संजय राउत और शिवसेना सांसद संदीपन भुमरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: आज शिवसेना के दोनों ही गुटों ने पार्टी के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुंबई में दो कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। शिवसेना के दोनों ही गुटों की ओर से एक-दूसरे के ऊपर निशाना साधना शुरू कर दिया है। औरंगाबाद से शिवसेना के नवनिर्वाचित सांसद संदीपन भुमरे ने संजय राऊत पर निशाना साधते हुए कहा कि संजय राऊत जो कहते हैं उसका कोई मतलब नहीं बनता है। भुमरे ने ठाकरे समूह पर निशाना साधते हुए कहा कि हम स्वाभिमानी शिवसैनिक हैं और वे असहाय हैं।
संदीपन भुमरे ने कहा कि यह शिवसेना की 58वीं वर्षगांठ है और इस दिन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिवसैनिकों का मार्गदर्शन करेंगे। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पहली बार यह दिन मनाया जा रहा है। इसलिए इस दिन को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हम शुरू से बाला साहेब ठाकरे के शिवसैनिक थे और आज भी हैं। संजय राउत हर सुबह 9 बजे टिप्पणी करने के लिए आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए बेहतर है कि उन पर ज्यादा ध्यान न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि महायुति भी मजबूत है और कही कोई नाराजगी नहीं है। चुनाव में अलग-अलग हिसाब-किताब लगाया जाता है। महायुति विधानसभा में अपनी ताकत दिखाएगी और विधानसभा पर फिर से महायुति की सरकार बनेगी। भुमरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष के भाजपा संविधान बदल देगी वाली बात का असर हुआ लेकिन विधानसभा पर इसका असर नहीं पड़ेगा। सांसद संदीपन भुमरे ने कहा कि विधानसभा में महायुति का झंडा फहराने में कोई बाधा नहीं आएगी।
मंत्री शंभूराज देसाई ने ठाकरे समूह को चेतावनी देते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना बाला साहेब कि विचार को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अपने विचारों पर दृढ़ रहने वाले और कभी भी अपने विचारों से समझौता नहीं करने वाले बाला साहेब ठाकरे ने कहा था कि वह शिवसेना को कभी कांग्रेस नहीं बनने देंगे। तो असली शिव सेना कौन है? आप ढाई साल के लिए कांग्रेस के साथ चले गए, सत्ता के लिए कांग्रेस के विचारों को शिवसेना कैसे स्वीकार कर सकती है? तो असली शिवसेना तो हमारी है। हमारे पास धनुष चिन्ह है। आप ढाई साल तक कांग्रेस के साथ क्यों गए, सत्ता के लिए आप बाला साहेब के विचारों से दूर चले गए।