
संजय राउत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Voter List Name Removal Scam: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग पर भाजपा और शिवसेना के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में दावा कि कल चुनाव प्रचार की निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद भाजपा सूबे की जनता से मुखातिब होती रही। ऐसा करके महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने भाजपा के लोगों को इस बात की छूट दी कि वो लोगों के बीच में जाकर उन्हें पैसे बांट सकें।
निसंदेह अगर वो ऐसा करेंगे, तो राज्य में उनके लिए राजनीतिक स्थिति अनुकूल साबित हो जाएगी। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि ऐसा करके चुनाव आयोग ने शिंदे गुट के लोगों को भ्रष्टाचार करने का खुला लाइसेंस दिया है। ये लोग पैसे के दम पर राज्य की राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, इसलिए तो नियमों की अवहेलना करते हुए चुनाव प्रचार का सिलसिला जारी रखा, ताकि स्थिति को अपने पक्ष में किया जा सके।
इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत होने जा रही है। राज्य में राजनीतिक माहौल पूरी तरह से उनके पक्ष में है। इसमें किसी को भी कोई शक नहीं होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य में राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए मतदाताओं के नाम काट रही है।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में 60 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में भी सवा करोड़ मतदाताओं का नाम हटाने की साजिश रची रही है। आगामी दिनों में वहां पर भी चुनावी बिगुल बजने वाला है। पश्चिम बंगाल में भी 54 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए। ऐसा करके भाजपा अपने लिए तमाम राजनीतिक बाधाओं को समाप्त करने की पूरी योजना बना रही है।
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संजय राउत ने कहा कि भाजपा कभी-भी सीधे तौर पर चुनाव नहीं लड़ती है। जब इन लोगों को एहसास हुआ कि पश्चिम बंगाल में हिंदू और मुसलमान का मुद्दा विफल होता जा रहा है, तो इन्होंने ईडी और सीबीआई के मुद्दे को हवा दी। खैर, कुल मिलाकर यह लोग कितनी भी साजिशें क्यों नहीं करें। लेकिन, राज्य में निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत होने जा रही है। इसमें किसी को भी कोई शक नहीं होना चाहिए।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






